John Ternus कौन हैं, जिन्हें मिल सकती है Apple की कमान?
सिलिकॉन वैली: एपल ने आधिकारिक तौर पर अपने उत्तराधिकार की योजना का खुलासा कर दिया है। टिम कुक के लंबे और सफल कार्यकाल के बाद अब कंपनी के हार्डवेयर इंजीनियरिंग विभाग के दिग्गज जॉन टर्नस को भविष्य की कमान सौंपी गई है। टिम कुक पूरी तरह कंपनी से अलग नहीं होंगे, बल्कि वे बोर्ड चेयरमैन के रूप में एक नई भूमिका में नजर आ सकते हैं।
कौन हैं जॉन टर्नस? (प्रोफाइल और सफर)
50 वर्षीय जॉन टर्नस का एपल के साथ करीब 25 साल पुराना नाता है। पिछले तीन दशकों में वह कंपनी के पहले ऐसे सीईओ होंगे जिनका मूल बैकग्राउंड इंजीनियरिंग और हार्डवेयर से जुड़ा है।
- शिक्षा: पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक।
- एपल में शुरुआत: उन्होंने 2001 में कंपनी जॉइन की थी। मैक (Mac) की स्क्रीन डिजाइन करने से शुरू हुआ उनका सफर उन्हें पूरे हार्डवेयर विभाग के शीर्ष तक ले गया।
टर्नस की कार्यशैली और बड़ी उपलब्धियां
जॉन टर्नस को कंपनी के भीतर एक 'संतुलित और दूरदर्शी' नेतृत्वकर्ता माना जाता है। उनकी कार्यशैली स्टीव जॉब्स के क्रांतिकारी अंदाज के बजाय टिम कुक के स्थिर और मुनाफे पर केंद्रित प्रबंधन से अधिक प्रेरित है।
- तकनीकी बदलाव: इंटेल की चिप्स हटाकर एपल की स्वदेशी चिप्स (M-Series) का सफल ट्रांजिशन उन्हीं के नेतृत्व में हुआ।
- रणनीतिक निर्णय: आईफोन के प्रीमियम 'प्रो' मॉडल्स में विशेष कैमरा तकनीक शामिल करने का सुझाव टर्नस का ही था, ताकि कंपनी का मुनाफा और ग्राहकों की वफादारी बनी रहे।
- सहज स्वभाव: उन्हें एक 'सहयोगी नेता' माना जाता है जो अलग केबिन के बजाय ओपन ऑफिस में अपनी टीम के साथ बैठकर काम करना पसंद करते हैं।
भविष्य की राह: कांटों भरा ताज
नए सीईओ के रूप में टर्नस के सामने कुछ बड़ी वैश्विक चुनौतियां होंगी, जिनसे निपटना उनकी पहली परीक्षा होगी:
- एआई की होड़: अन्य टेक कंपनियों के मुकाबले एपल फिलहाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ में पीछे है। टर्नस को कंपनी को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाना होगा।
- भू-राजनीतिक पेच: अमेरिका की नई टैरिफ नीतियां और विनिर्माण के लिए चीन पर निर्भरता को कम करना उनके कार्यकाल का सबसे कठिन हिस्सा हो सकता है।

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