सरकार की नीति का असर, डेडलाइन से पहले नक्सलियों ने छोड़ा साथ
रायपुर | नक्सल खात्मे की डेडलाइन से पहले आंध्र-ओडिसा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी के प्रमुख, CC मेंबर चेल्लुरी नारायण उर्फ सोमन्ना ने अपने 8 साथियों के साथ आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. सोमन्ना पर 20 लाख का इनाम था |
CC मेंबर सोमन्ना ने अपने 8 साथियों के साथ डाले हथियार
मिली जानकारी के मुताबिक, सोमन्ना AOB (आंध्र-ओडिशा बॉर्डर) राज्य समिति का प्रमुख सदस्य था. इसके साथ ही वह केंद्रीय क्षेत्रीय समिति (CRC) की तीसरी कंपनी का कमांडर भी रहा है. शीर्ष माओवादी लीडर गजरला रवि और अरुणा की मौत के बाद इस क्षेत्र में माओवादी संगठन की बागडोरसोमन्ना के पास ही थी. वहीं आज डेडलाइन के पहले सोमन्ना ने अपने 8 साथियों के साथ पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया |
डेडलाइन से पहले बड़ी कामयाबी
सरकार द्वारा तय की गई नक्सल उन्मूलन की समय सीमा से ठीक पहले सोमन्ना जैसे बड़े नेता का आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इससे न केवल माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है, बल्कि अन्य सक्रिय नक्सलियों के बीच भी मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ने की संभावना है |
आत्मसमर्पण नीति का दिख रहा असर
सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का असर अब जमीन पर दिखने लगा है. लगातार दबाव, ऑपरेशन और विकास कार्यों के चलते कई नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं. सोमन्ना का सरेंडर इसी बदलते परिदृश्य का संकेत माना जा रहा है, जो आने वाले समय में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है |

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