तारा-तारिणी मंदिर का है विशेष स्थान
उड़ीसा में तारा-तारिणी मंदिर में कहते हैं सोई किस्मत भी जाग जाती है। यहां चैत्र महीने में विशेष यात्रा निकाली जाती है और लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपने बच्चों को लेकर मंदिर पहुंचते हैं। बहरामपुर से लगभग 30 किमी दूर कुमारी पहाड़ पर ऋषिकुल्या नदी के किनारे, एक छोटी पहाड़ी पर, जुड़वां देवियों तारा और तारिणी का मंदिर स्थित है। पौराणिक कथाओं की मानें तो कहा जाता है कि यहां मां सती के स्तन गिरे थे, जिसके बाद यहां मां तारा और तारिणी की स्थापना हुई। इस मंदिर की गिनती देश के चार बड़े आदि शक्ति पीठों और तंत्र पीठों में होती है। स्थानीय मान्यता है कि अगर आप शत्रुओं से परेशान हैं या किसी तंत्र के प्रभाव में हैं, तो यहां आकर विशेष अनुष्ठान करने से सारी परेशानियों से छुटकारा मिलता है।
चैत्र नवरात्रि के आगमन के साथ ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ पहुंचती है क्योंकि मंदिर में चैत्र माह में यात्रा निकलती है और महीने में पड़ने वाले प्रत्येक मंगलवार को विशेष पूजा की जाती है। मां को नए वस्त्र पहनाकर खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। इतना ही नहीं नौ दिन भक्त खास कर चैत्र नवरात्रि में बच्चों का मुंडन कराने लिए भी आते हैं।
तारा-तारिणी मंदिर सिर्फ हिंदुओं की आस्था का प्रतीक नहीं है, माना जाता है कि बौद्ध धर्म के लोग मां तारा को अपनी देवी मानते हैं और मंदिर के निर्माण में उनकी भी सहभागिता रही थी। इसी कारण है कि मां तारा को बौद्ध तारा के नाम भी जाना जाता है।
मंदिर के स्थापत्य की बात करें तो मंदिर का मुख्य द्वार देखने में काफी रंगीन है, जिस पर पारंपरिक रेखा शैली से जीवंत दिखने वाली प्रतिमाओं को उकेरा गया है। मंदिर में नक्काशीदार पैनल लगे हैं। मुख्य गर्भगृह में दो पत्थर से बनी प्रतिमाएं हैं जिन्हें मां तारा और तारिणी के रूप में पूजा जाता है। मां की प्रतिमा हमेशा गहनों से लदी रहती है और हर दिन उनका भव्य शृंगार किया जाता है।

शिक्षा के नाम पर अवैध मदरसे का खेल: मंदसौर में बिना अनुमति संचालित संस्थान पर प्रशासन सख्त, केस दर्ज करने के निर्देश
गौरीघाट पर साध्वी हर्षा रिछारिया की कठिन साधना: 11 दिनों के एकांतवास पर बैठीं स्वामी हर्षानंद गिरि, विरोधियों को शांत करने के लिए खोज रहीं शांति
स्मार्ट सिटी ग्वालियर का मास्टर प्लान: मानपुर पहाड़ी पर सौर ऊर्जा से जगमगाएगा शहर, बिजली बिल में सालाना होगी 1 करोड़ से ज्यादा की कटौती
विभागों के आवंटन का ऐलान, वित्त विभाग CM शिवकुमार के पास
सड़क पर बिखरी चीख-पुकार: रायसेन में तेज रफ्तार दो बसें आपस में टकराईं, चार यात्रियों ने गंवाई जान, कई गंभीर रूप से जख्मी
मंत्रालयों के आबंटन पर कर्नाटक में नया सियासी बवंडर: नाराज मंत्रियों की फेहरिस्त लंबी, डीके शिवकुमार की कैबिनेट में असंतोष के सुर
खिड़कियों के कांच टूटे, सहमे रहे मुसाफिर: बड़वानी में बस पर पथराव की सनसनीखेज वारदात, आधा दर्जन यात्री गंभीर रूप से घायल
MLC चुनाव में उद्धव-शिंदे शिवसेना का मतभेद, कार्यकर्ताओं ने बताया विचारधारा एक
अन्नामलाई ने राजनीति में नया मोड़ लिया, नई पार्टी और आंदोलन का एलान
सूर्यकुमार यादव के पक्ष में उतरे पूर्व चयनकर्ता, बदलाव के खिलाफ दी चेतावनी