स्विगी ने बढ़त के बाद पार किया 12 बिलियन का आंकड़ा
नई दिल्ली । अमेरिका की एसेट मैनेजर बैरन कैपिटल ग्रुप ने आईपीओ-बाउंड फूड-डिलीवरी ऐप स्विगी के फेयर वैल्यू में वृद्धि की है, जिसके बाद 2022 में इसका मूल्यांकन 10.7 बिलियन डॉलर के मूल्यांकन से 13 फीसदी बढ़कर 12.16 बिलियन डॉलर हो गया है। अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग की फाइलिंग में इसकी जानकारी मिली है। अमेरिका स्थित एसेट मैनेजर ने पहले जनवरी 2022 में 700 मिलियन के फंडिंग राउंड के दौरान स्विगी में निवेश किया था। 31 दिसंबर तक एसेट मैनेजर के फंड के पास स्विगी की मूल कंपनी बंडल टेक्नोलॉजीज में 87.2 मिलियन की हिस्सेदारी थी, जो 74.4 मिलियन से 17 फीसदी अधिक थी। 2022 में स्विगी ने इनवेस्को के नेतृत्व में अपने सीरीज़ के राउंड में 700 मिलियन जुटाए। इस दौर में इसका मूल्यांकन दोगुना होकर 10.7 बिलियन डॉलर हो गया। 2023 में जुलाई-सितंबर तिमाही में इनवेस्को ने स्विगी का वैल्यूएशन बढ़ाकर 7.85 अरब डॉलर कर दिया। एक अलग फाइलिंग में बैरन कैपिटल ने कहा कि स्विगी भारतीय फूड डिस्ट्रीब्यूशन एरिया में लगभग 45 फीसदी बाजार हिस्सेदारी रखती है। बेंगलूरु की यह कंपनी इसी साल शेयर बाजार में कदम रखना चाहती है और आईपीओ के जरिये 1 अरब डॉलर जुटाने के लिए बाजार नियामक सेबी के पास दरख्वास्त डालेगी। कंपनी का इरादा आईपीओ में 10-11 अरब डॉलर का मूल्यांकन हासिल करने का है। स्विगी ने आईपीओ की योजना पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। मगर मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि पिछले चरणों में जुटाई गई रकम में से कंपनी के पास तकरीबन 80 करोड़ डॉलर की नकदी रखी हुई है।

सिहोरा में हिंसा का लाइव फुटेज वायरल, हमलावरों की करतूत कैमरे में कैद
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ सिस्टम, 7 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट
जिस वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार थे भागवत........उस पर हरदोई में हुई पत्थरबाजी
तकनीक तभी सार्थक जब वह मानव हित में हो, हम एआई को सुशासन और सबके विकास के लिए अपनाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सीएम मोहन यादव ने कंपनियों को मध्य प्रदेश आने का दिया निमंत्रण
T20 WC: पाकिस्तान क्रिकेट में बढ़ा बवाल! शादाब खान के 'भारत को नहीं हराया' वाले बयान पर शाहिद अफरीदी का पलटवार
कौन हैं एआई किड ऑफ इंडिया, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान चर्चा में क्यों? जानिए उनके बारे में सबकुछ
टैरिफ ट्रंप का सबसे बड़ा हथियार: सस्ती दवाओं के लिए फ्रांस पर बनाया दबाव, वाइन पर 100% टैक्स की दी धमकी
Export Measures: निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार के सात कदम, ई-कॉमर्स निर्यातकों को सस्ते कर्ज के साथ मदद भी