फूलो की खेती से दीदियों को मिलेगी अतिरिक्त आमदनी
रायपुर : फूलों का उपयोग अपने घर, मंदिरों, शादी एवं सजावट सहित अन्य कार्यों के लिए किया जाता है। फूल श्रद्धा और भावना का प्रतीक है। अपने घरों के बगीचे, गार्डन, गमलों में भी अलग-अलग फूल लगाएं जाते हैं। सुबह-सुबह सुंदर और सुगंधित फूल देखकर मन आनंदित हो जाता है। दूरस्थ वनांचल क्षेत्र की महिलाओं को फूलों के खेती के प्रति प्रेरित करना और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उद्यान विभाग द्वारा निःशुल्क पौधे भी उपलब्ध कराये जा रहे हैं। दंतेवाड़ा जिले की स्व-सहायता समूह की 45 दीदियां मिलकर लगभग 4 एकड़ खेत में फूलों की खेती कर आगे बढ़ रही हैं।
जिला प्रशासन और बिहान योजना अंतर्गत जिले के महिला स्व सहायता समूह की दीदियों को फूलों की खेती करने के लिए उद्यान विभाग द्वारा प्रशिक्षण दिया गया है। यह प्रशिक्षण जिला दंतेवाड़ा के गाँव तुड़पारास, भोगाम, भैरमबंद में दीदियों को दिया गया। फूल उत्पादन के पश्चात महिला समूहों द्वारा फूलों से माला एवं गुलदस्ते बना कर माँ दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा के प्रांगण में विक्रय किया जाएगा, ताकि वे अच्छी खेती करके मुनाफा कमा कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। दंतेवाड़ा के उद्यानिकी विभाग और सीएसआईआर राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान लखनऊ के डायरेक्टर अजीत शासनी के मार्गदर्शन में महिला समूह की दीदियों को विभिन्न प्रकार के फूलों के 60 हजार पौधे वितरण किये गये हैं।

कांग्रेस का नया दांव, मोहित नागर के जरिए आदिवासी इलाकों में पकड़ मजबूत करने की कोशिश
IPL 2026 से पहले बड़ा अपडेट, दोनों स्टार गेंदबाज नहीं खेलेंगे शुरुआती दौर
₹2929 करोड़ बैंक धोखाधड़ी केस में अनिल अंबानी से लगातार पूछताछ
‘धुरंधर 2’ के बहाने फिल्ममेकर्स पर बरसे रामगोपाल वर्मा
असलम चमड़ा मामले पर गरमाई राजनीति, रामेश्वर शर्मा और विश्वास सारंग के बयान
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया केस, सुजॉय घोष को बड़ी राहत
ग्लोबल तनाव से तेल बाजार में आग, कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर
शक्ति अवार्ड 2026 सम्पन् , न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला ने किया नारी शक्तियों का सम्मान
राज्यसभा को लेकर हलचल तेज: दिग्विजय सिंह का नाम आगे, पटवारी का इंकार