RTE प्रवेश पर सवाल: पालकों ने घेरा DEO कार्यालय, 'अपनों को सीटें देने' का लगाया आरोप
शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत गरीब बच्चों के प्रवेश में गड़बड़ी की शिकायत सामने आई है। पालकों का आरोप है कि दस्तावेजों के सत्यापन और लॉटरी से बच्चों के चयन में गड़बड़ी कर वास्तविक पात्र बच्चों को प्रवेश से वंचित किया जा रहा है। इससे नाराज पालकों ने आम आदमी पार्टी के नेताओं की अगुवाई में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया। घेराव और भारी शोर-शराबे के बाद डीईओ अरविंद मिश्रा ने खामियां दूर करने और पात्र बच्चों को प्रवेश दिलाने का भरोसा दिलाया।
गरीब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़
घेराव के दौरान आप के प्रदेश संगठन मंत्री संजीत विश्वकर्मा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार शिक्षा नीति के मोर्चे पर विफल रही है। हज़ारों स्कूलों को बंद कर देने के बाद अब आरटीई के तहत हो रहे प्रवेश में हस्तक्षेप कर भ्रष्टाचार फैला रही है। यह गरीब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है। प्रदर्शन में अजय रमेटेके, शिवा रायडू, रवि साहू, दिवाकर ठाकुर, मो. मोहसिन, महेश कुमार साहू, बैकुंठ टांडी, भावना साहू, राजेश्वरी जोशी, अमीना फातिमा, दिव्यांश, रुद्रांश, शिवांश, आमोश ,गणेश, दिव्या साहू, शाहीन फातिमा, सृष्टि कुमारी,दिया साहू शामिल थे।
नोडल केंद्रों में बरती गई अनियमितता
आंदोलन के दौरान पालकों ने बताया कि वैशाली नगर, कुरूद, कोहका, जुनवानी, सुपेला (रावण भाठा) व टंकी मरोदा जैसे नोडल केंद्रों आरटीई के प्रवेश के मामलों में भारी अनियमितता बरती गई है। पालक लगातार इसकी शिकायत करते रहे लेकिन उनकी बाते अधिकारियों ने नहीं सुनी।

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