पीएम आवास बना उम्मीद की दीवार
रायपुर : वर्षों से कच्चे और अस्थायी मकान में जीवन गुजार रहे पाली विकासखंड के ग्राम परसदा निवासी फूलदास और उनकी पत्नी गौरी बाई के जीवन में अब खुशियों की नई छत ढलने वाली है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्हें आवास की स्वीकृति मिलने के बाद उनका वर्षों पुराना सपना साकार हो रहा है।
मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाले फूलदास को कभी यह विश्वास नहीं था कि उनका भी एक दिन पक्का घर होगा। लेकिन जैसे ही नवंबर 2024 में उनका नाम पीएम आवास की सूची में शामिल हुआ, उनके जीवन की दिशा ही बदल गई। योजना की पहली किश्त खाते में आते ही उन्होंने घर बनाने का काम शुरू कर दिया। आज नींव से लेकर दीवारें खड़ी हो चुकी हैं और कुछ ही दिनों में छत भी ढल जाएगी। फूलदास बताते हैं कि हम इसी गांव में जन्मे और यहीं कच्चे घर में रहते आए हैं। हर बारिश हमारे लिए मुसीबत लेकर आती थी। खपरैल की छत से टपकता पानी, भीगती दीवारें और हर बरसात में छत की मरम्मत, हमारा यही जीवन था। मिट्टी के घर में न तो सुरक्षा थी और न ही सुकून। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। योजना के तहत मिली राशि से उन्होंने ईंट, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री खरीदी और अपने पसीने की मेहनत से घर बनाना शुरू किया। यह सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि उनके वर्षों के संघर्ष, धैर्य और उम्मीद की बुनियाद है।
गौरी बाई भावुक होकर कहती हैं कि अब हमें भी समाज में इज्जत से जीने का मौका मिला है। यह मकान हमारे लिए सिर्फ चार दीवारी नहीं, बल्कि सरकार की मदद से मिली नई जिंदगी है। फूलदास और गौरी बाई प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहते हैं कि पीएम आवास योजना सचमुच गरीबों के लिए एक वरदान है। इससे उन्हें सिर्फ पक्का मकान नहीं मिला, बल्कि जीवन में स्थायित्व और आत्मसम्मान भी प्राप्त हुआ है।

क्यों चाणक्य ने कहा- विवाहित व्यक्ति ही हो शासन के लायक? जानिए तर्क
शादी से पहले संभल जाएं! इन नक्षत्रों में विवाह को लेकर बड़ा अलर्ट
राशिफल 28 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
हौसलों को मिला सहारा, दिव्यांगजनों की बदली जिंदगी
सशक्त नारी, विकसित प्रदेशः ‘बिहान’ से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनीं सकीना
मुंबई में आयोजित वर्ड पावर चैंपियनशिप 2026 में छठवां स्थान हासिल किया छात्र रोशन निषाद ने
फूलों की खुशबू से महकी किस्मत ईश्वरचरण पैकरा का
मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच
सिलफिली की मालती बनीं ‘लखपति दीदी‘, अपने साथ-साथ 14 महिलाओं को दिया रोजगार