शराब में सोडा मिलाने का होता है स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर
नई दिल्ली । स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शराब में सोडा मिलाने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, और यह आदत लंबे समय में गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकती है। शराब पीने के बाद जल्दी नशा होना आम बात है क्योंकि अल्कोहल खून में मिलकर नशा करता है। जब शराब में सोडा मिलाया जाता है, तो सोडा के कार्बोनेशन के कारण अल्कोहल खून में तेजी से मिल जाता है, जिससे नशा जल्दी चढ़ता है। इससे यह महसूस नहीं होता कि हम ज्यादा शराब पी रहे हैं, और अंततः हम अपनी सीमा से अधिक शराब का सेवन कर सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इस कारण, शराब पीने का प्रभाव तुरंत महसूस होने लगता है, और व्यक्ति को इसका सही अहसास नहीं हो पाता। इसके अलावा, शराब और सोडा दोनों का मिश्रण किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
सोडा में मौजूद कार्बोनेशन किडनी की कार्यप्रणाली पर असर डाल सकता है और इससे किडनी की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। लंबे समय तक ऐसी आदतें किडनी के लिए गंभीर हो सकती हैं। इसके साथ ही सोडा पाचन तंत्र पर भी बुरा असर डालता है। इससे पेट में गैस, अपच, और अल्सर जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। शराब से पहले ही दिल की समस्याएं हो सकती हैं, और सोडा में अधिक सोडियम की मात्रा होती है, जो रक्तचाप को बढ़ा सकती है। इसका सीधा असर दिल की सेहत पर पड़ता है। शराब के साथ सोडा का मिश्रण दिल की बीमारियों और हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है। इसके अलावा, सोडा में फॉस्फोरिक एसिड होता है, जो हड्डियों की सेहत को नुकसान पहुंचाता है, जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।
इस प्रकार, व्हिस्की में सोडा मिलाकर पीने की आदत सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है। इसका सेवन सीमित मात्रा में करना और अधिक से अधिक सावधानी बरतना जरूरी है। व्हिस्की में सोडा मिलाकर पीने की आदत कुछ लोगों के लिए सामान्य हो गई है, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से हानिकारक हो सकती है। कई लोग यह मानते हैं कि सोडा मिलाने से शराब का असर कम हो जाता है और इससे सेहत पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह धारणा गलत है।

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