हरे निशान पर बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स में जोरदार उछाल
नई दिल्ली। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ संभावित समझौते के संकेत दिए जाने के बाद वैश्विक और घरेलू बाजारों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी और भू-राजनीतिक तनाव घटने की उम्मीद ने भारतीय शेयर बाजार और रुपये को मजबूती प्रदान की है।
इस आर्थिक घटनाक्रम के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
शेयर बाजार में उछाल
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय शेयर बाजारों में रौनक लौट आई है। शुक्रवार को दोनों प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई:
- सेंसेक्स: 504.86 अंकों (0.65%) की तेजी के साथ 78,493.54 के स्तर पर बंद हुआ।
- निफ्टी: 156.80 अंकों (0.65%) के सुधार के साथ 24,353.55 पर पहुंच गया।
- विदेशी निवेश: आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बाजार में शुद्ध खरीदारी की, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
डॉलर के मुकाबले रुपया हुआ मजबूत
- अमेरिकी मुद्रा (डॉलर) में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण भारतीय रुपये में भी शानदार मजबूती देखी गई:
- शुक्रवार को रुपया 29 पैसे की बढ़त के साथ 92.85 (अस्थायी) के स्तर पर बंद हुआ।
- विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान वार्ता और मध्य पूर्व में तनाव कम होने की संभावनाओं से रुपये में आने वाले समय में भी सकारात्मक रुझान बना रह सकता है।
कच्चा तेल और वैश्विक संकेत
ब्रेंट क्रूड: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 3.23% की बड़ी गिरावट आई और यह 96.18 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था।
डॉलर इंडेक्स: छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती मापने वाला इंडेक्स 0.12% गिरकर 97.90 पर आ गया।

राशिफल 19 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
महतारी वंदन योजना से संवर रही पहाड़ी कोरवा परिवारों की तकदीर