ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई या मिलेगा अतिरिक्त समय?
नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने का सिलसिला शुरू हो चुका है। आयकर विभाग ने ITR-1 और ITR-4 फॉर्म्स को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में जारी कर दिया है। अब नौकरीपेशा लोग, पेंशनर्स, फ्रीलांसर्स और छोटे व्यापारी ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर अपना रिटर्न आसानी से दाखिल कर सकते हैं। भारी जुर्माने से बचने के लिए समय पर रिटर्न भरना जरूरी है, हालांकि अलग-अलग कैटेगरी के टैक्सपेयर्स के लिए आखिरी तारीखें अलग-अलग तय की गई हैं।
1. 31 जुलाई 2026: नौकरीपेशा और छोटे कारोबारियों के लिए आखिरी मौका
अगर आप सैलरीड कर्मचारी हैं, पेंशनर हैं या फिर हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (HUF) के अंतर्गत आते हैं और आपके खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है, तो आपके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 है।
इसके अलावा, 'एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स' (AOPs), 'बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स' (BOIs) और प्रिज्म्प्टिव टैक्सेशन स्कीम (सेक्शन 44AD, 44ADA या 44AE) का लाभ लेने वाले फ्रीलांसरों व छोटे व्यापारियों को भी इसी तारीख तक अपना आईटीआर जमा करना होगा।
2. 31 अक्टूबर और 30 नवंबर: ऑडिट व कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण तारीखें
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31 अक्टूबर 2026: यह डेडलाइन उन कंपनियों, फर्म्स और बिजनेसेज के लिए है, जिनके खातों का आयकर अधिनियम के तहत ऑडिट (Audit) होना अनिवार्य है।
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30 नवंबर 2026: वैसी कॉर्पोरेट कंपनियां या एंटिटीज, जिन्हें घरेलू या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष लेन-देन के लिए ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट जमा करनी होती है, वे 30 नवंबर तक अपना रिटर्न फाइल कर सकती हैं।
3. डेडलाइन चूकने पर लगेगा ₹5,000 तक का जुर्माना और ब्याज
अगर आप तय समय सीमा के भीतर रिटर्न नहीं भर पाते हैं, तो सेक्शन 234F के तहत लेट फीस देनी होगी।
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₹5 लाख से अधिक आय पर: अधिकतम ₹5,000 का जुर्माना।
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₹5 लाख से कम आय पर: अधिकतम ₹1,000 की लेट फीस।
अतिरिक्त नुकसान: लेट फीस के साथ-साथ धारा 234A के तहत बकाया टैक्स पर 1% प्रति महीना की दर से ब्याज भी लगेगा। साथ ही, देरी से फाइल करने पर टैक्स रिफंड अटक सकता है और आप अपने कुछ बिजनेस घाटों (Losses) को अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड (आगे ट्रांसफर) नहीं कर पाएंगे।
4. क्या होते हैं बिलेटेड (Belated) और अपडेटेड (U-ITR) रिटर्न?
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बिलेटेड और रिवाइज्ड रिटर्न: यदि आप 31 जुलाई की डेडलाइन चूक जाते हैं, तो असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए 31 मार्च, 2027 तक बिलेटेड (देरी से) या रिवाइज्ड (संशोधित) रिटर्न भर सकते हैं।
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अपडेटेड आईटीआर (U-ITR): अगर रिटर्न में कोई बड़ी गलती रह गई हो या किसी कमाई की जानकारी छूट गई हो, तो उसे सुधारने के लिए अपडेटेड रिटर्न भरा जाता है। नियम के अनुसार, टैक्सपेयर्स संबंधित असेसमेंट ईयर के खत्म होने के बाद 48 महीनों के भीतर अतिरिक्त टैक्स और धारा 139(8A) की शर्तों के साथ U-ITR दाखिल कर सकते हैं।

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