पश्चिमी विक्षोभ का असर, देशभर में आंधी-पानी और तूफान की चेतावनी
देशभर में बदला मौसम का मिजाज: उत्तर में आंधी-बारिश, पूर्वोत्तर में भूस्खलन का खतरा और दक्षिण में भारी वर्षा
देश के अधिकांश हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता के कारण मौसम खुशनुमा बना हुआ है। उत्तर-पश्चिम से लेकर मध्य भारत तक तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी है। हालांकि, चंबा (हिमाचल प्रदेश) में ग्लेशियर टूटने की घटना ने पहाड़ों पर चिंता बढ़ा दी है, लेकिन जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
प्रमुख अनुमान: 7 मई तक रहेगा यलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 7 मई तक उत्तर-पश्चिम भारत में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश और पंजाब में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
क्षेत्रवार मौसम का हाल
1. उत्तर भारत: पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में धूल भरी आंधी
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पहाड़ी राज्य: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 6 मई तक मौसम खराब रहेगा। ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में मध्यम बारिश के आसार हैं। चंबा के कार्थनाला में ग्लेशियर गिरने से सड़क बहाली का कार्य प्रभावित हुआ है।
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मैदानी इलाके: पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में आंधी के साथ बारिश की संभावना है। पंजाब में पारा सामान्य से 2.8 डिग्री नीचे गिर गया है। राजस्थान में 6 मई तक धूल भरी आंधी और बारिश का दौर चलेगा।
2. पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत: भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी
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पश्चिम बंगाल और सिक्किम: अगले 48 घंटों में भारी बारिश का अलर्ट है।
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पूर्वोत्तर: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में अगले 6 दिनों तक व्यापक वर्षा हो सकती है। अत्यधिक बारिश (204.4 मिमी तक) के कारण भूस्खलन और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
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ओडिशा: यहाँ 2 मई को ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
3. पश्चिम और मध्य भारत: कहीं बारिश तो कहीं लू
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छत्तीसगढ़: 4 मई को 70 किमी/घंटा की रफ्तार से भीषण तूफान आने की आशंका है।
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मध्य प्रदेश और विदर्भ: यहाँ गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, हालांकि विदर्भ और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में लू (Heatwave) का प्रकोप भी बना रहेगा।
4. दक्षिण भारत: बिजली गिरने और भारी वर्षा का डर
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तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में 4 मई तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
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तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी (Humid Heat) लोगों को परेशान करेगी, जबकि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और आसमानी बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
मई महीने का दीर्घकालिक पूर्वानुमान
मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा के अनुसार, मई का महीना मिला-जुला रहेगा:
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लू का प्रभाव: गुजरात, महाराष्ट्र, पूर्वी तटीय राज्यों और हिमालय की तलहटी में सामान्य से अधिक दिनों तक लू चल सकती है।
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वर्षा का अनुमान: उत्तर-पश्चिम और प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से अधिक बारिश होने की उम्मीद है।
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मानसून की दस्तक: दक्षिण-पश्चिम मानसून के 14-16 मई के आसपास अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पहुंचने की संभावना है।

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