महाराष्ट्र में भारी बारिश का अनुमान, प्रशासन हुआ अलर्ट
गर्मी की मार से अभी कुछ समय राहत मिल सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार लू से राहत का सिलसिला जारी रहेगा। शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हल्की बारिश होने, गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना भी बनी रहेगी। वहीं, महाराष्ट्र में भारी बारिश होने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी
हिमाचल प्रदेश के सात जिलों में शुक्रवार से अगले कई दिनों तक को तूफान और ओलावृष्टि होने का पूर्वानुमान है। इसे लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उधर पंजाब में गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। यहां मौसम विभाग ने कई जिलों में लू चलने को लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया है।
बारिश के साथ तूफान का प्रकोप
पिछले कुछ दिनों में, दिल्ली और आसपास बीच-बीच में हल्की बारिश के साथ तूफान का प्रकोप भी दिखा है। बुधवार को, भारी बादलों, बारिश और तेज हवाओं ने पारा काफी नीचे लाने में मदद की। वर्तमान में, शहर में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच स्थिर हो गया है, जो इस महीने की शुरुआत की तुलना में एक उल्लेखनीय गिरावट है।
हिमाचल में कुछ स्थानों पर तूफान व दोपहर बाद शिमला सहित कई स्थानों पर बादल छाए। इस सबके बीच अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने शनिवार को सात जिलों चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन व सिरमौर में तूफान व ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 38.8, नेरी में 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ग्लोबल वार्मिंग ने बिगाड़ा मौसम का मिजाज
इस वर्ष देश में मौसम का मिजाज सामान्य नहीं रहा। मई महीने को आमतौर पर झुलसाने वाली गर्मी के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार न तो गर्मी अपने चरम पर पहुंची और न ही पिछले दिसंबर में ठंड ने असर दिखाया।
भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) द्वारा जारी की गई हीटवेव चेतावनियां भी अपेक्षित रूप से सटीक साबित नहीं हो सकीं। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है और मानसून इस बार तय समय से पहले दस्तक देने की ओर अग्रसर है।
वहीं, प्री-मानसून बारिश भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बेतरतीब ढंग से हो रही है। मई के महीने में बार-बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जो सामान्य मौसम चक्र से हटकर है।
जलवायु परिवर्तन के गंभीर और स्पष्ट संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सभी घटनाएं जलवायु परिवर्तन के गंभीर और स्पष्ट संकेत हैं। आइएमडी के महानिदेशक डा. मृत्युंजय महापात्रा का कहना है कि इस बार मौसम का असामान्य व्यवहार सीधे तौर पर वैश्विक जलवायु परिवर्तन का परिणाम है।
उत्तर भारत के राज्यों में भीषण गर्मी
पश्चिमी विक्षोभ की लगातार सक्रियता ने प्री-मानसून वर्षा को अनियंत्रित कर दिया है, जिससे तापमान में असामान्य गिरावट देखी गई है। उत्तर भारत के राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में औसत तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस कम रिकॉर्ड किया गया है।

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