भारत ने ठंडे बस्ते में डाली P8I विमान और मिसाइल डील?
ट्रंप के टैरिफ बम के बाद भारत ने US के साथ अरबों डॉलर की हथियार डील टाली? सरकार ने दी सफाई
नई दिल्ली।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% का भारी-भरकम टैरिफ लगाने के बाद एक बड़ी रक्षा डील पर सवाल खड़े हो गए हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अमेरिकी हथियारों और एयरक्राफ्ट की खरीद की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दी है।
सूत्रों के अनुसार, यह सौदा करीब 3.6 अरब डॉलर का था, जिसमें जनरल डायनमिक्स के स्ट्राइकर कॉम्बैट व्हीकल, एंटी-टैंक मिसाइल जैवलिन और भारतीय नौसेना के लिए 6 बोइंग P8I टोही विमान शामिल थे। यह डील रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अमेरिकी यात्रा के दौरान होने की संभावना थी, लेकिन अब उनका दौरा भी रद्द बताया जा रहा है।
हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने विदेशी मीडिया की इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह खारिज किया है। मंत्रालय के मुताबिक, स्ट्राइकर की खरीद पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, जैवलिन मिसाइल के लिए अमेरिका से कोई आधिकारिक प्रस्ताव भी नहीं मिला है और राजनाथ सिंह की यात्रा की तारीख भी तय नहीं है।
बुधवार (6 अगस्त) को ट्रंप ने रूस से तेल आयात करने के कारण भारत पर पहले से लगाए गए 25% अतिरिक्त टैरिफ को दोगुना कर 50% कर दिया, जो अमेरिका के किसी भी व्यापारिक साझेदार पर लागू सबसे ऊंचे टैरिफ रेट्स में से एक है।
भारत ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि उसे अनुचित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अमेरिका और यूरोपीय देश अपने हितों के लिए मॉस्को के साथ व्यापार जारी रखे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि द्विपक्षीय रिश्तों और व्यापार नीति पर स्पष्टता आने के बाद ही डील पर आगे बढ़ने का फैसला होगा।

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