ग्वालियर चंबल-अंचल को मिलेगी इंड्रस्ट्री हब की पहचान
भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशा के मुताबिक ग्वालियर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मिले करोड़ों के प्रस्तावों पर अब तेजी से काम शुरू हो गया है। एमपीआईडीसी की निगरानी में अंचल एक बार फिर अपने पुराने इंड्रस्ट्री हब की पहचान हासिल करने जा रहा है। दरअसल, बीते अगस्त 2024 को ग्वालियर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ था। जहां अंचल के लिए 8100 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से 85 फीसदी प्रस्तावों पर काम भी शुरू हो गया है। इनमें लोकेशन एलॉटमेंट भी शामिल है। जिस तेजी के साथ काम किया जा रहा है उसको देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि आने वाले 1 साल में ग्वालियर चंबल- अंचल बड़े इंडस्ट्री हब के रूप में अपनी खोई हुई पहचान फिर से स्थापित करेगा।
मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के कार्यकारी संचालक प्रतुल चंद्र सिन्हा का कहना है कि ग्वालियर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मिले करोड़ के प्रस्ताव पर काम करने के साथ ही फरवरी महीने में 24-25 तारीख को होने जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी ग्वालियर चंबल अंचल के उद्योगपति और युवा बिजनेसमेंन को मौका दिया जाएगा। जिसको लेकर रजिस्ट्रेशन से लेकर प्रोडक्ट्स की प्रदर्शनी तक सभी कामों में राज्य सरकार प्लेटफार्म दे रही है। ऐसे में त्रढ्ढस् से अंचल में और अधिक निवेश प्रस्तावों को महबूती मिलेगी। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंचल की बिजनेस कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

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