उप संचालक डी.पी.एस. कंवर ने दवा छिड़काव करने दी सलाह
कोरबा कोरबा जिले में खंड बारिश हो रही है। इसकी वजह से सिंचाई के लिए पानी की मांग बढ़ गई है। किसान धान की फसल में माहो, बंकी, तना छेदक के प्रकोप से परेशान हैं। किसान फसल को बचाने दवा का छिड़काव कर रहे हैं।
शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में एक सप्ताह बारिश थम गई थी। गुरुवार को जरूर कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई है, लेकिन बरपाली तहसील क्षेत्र में कम बारिश के कारण पानी की मांग बढ़ गई है। जांजगीर-चांपा और रायगढ़ से भी पानी की मांग बढ़ रही है। अभी दायीं तट नहर में 3516 क्यूसेक और बांयी तट नहर में 3152 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसी तरह जलाशयों से भी पानी छोड़ा जा रहा हैं। बरसात न होने से खेत भी अब सूखने लग गए हैं। धान की फसल में कई स्थानों पर माहो, बंकी और तना छेदक का प्रकोप होने के कारण दवा का छिड़काव करना पड़ रहा है। ग्राम बरपाली के साथ उमरेली, अमलडीहा, सुखरीकला क्षेत्र में अधिक बीमारी लगी है। ग्राम अमलडीहा के किसान ने बताया कि कटुवा रोग लगने के कारण धान की फसल चौखट हो रही है। इस बार खेती लेट हो गई है। सावन के समय धूप नहीं निकली थी। अब जाकर धूप निकलने से थोड़ी राहत है, लेकिन खेत सूख गए हैं। इस वजह से पानी की मांग भी बढ़ गई है। हसदेव दर्री बराज के एसडीओ एस.एन. साय ने बताया कि किसानों की मांग के अनुसार पानी छोड़ा जा रहा है।
कृषि विभाग के उपसंचालक डी.पी.एस कंवर ने बताया कि किसानों को बीमारी के अनुसार दवा छिड़काव करने की सलाह दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारियों को भी नजर रखने कहा गया है।

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