डेयरी योजना बदल रही है धनमती की तकदीर
रायपुर : गरियाबंद जिले देवभोग विकासखंड के ग्राम कुम्हड़ाईखुर्द में पशुधन विभाग द्वारा संचालित डेयरी विकास योजनाओं का लाभ अब ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से दिखाई देने लगा है। देवभोग विकासखंड के ग्राम कुम्हड़ाईखुर्द की लाभार्थी धनमती बिसी ने डेयरी योजना के माध्यम से आत्मनिर्भरता की पहल पर उल्लेखनीय कदम बढ़ाया है। उन्हें पशुपालन विभाग योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिस पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। यह सहायता उनके लिए आर्थिक सशक्तिकरण का नया आधार साबित हो रही है।
धनमती बिसी अपने पति महेश बिसी के साथ मिलकर डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ मिलने से उन्होंने अपने डेयरी यूनिट का और विस्तार किया है। जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि हुई है और परिवार की आय में भी स्थायी बढ़ोत्तरी हुई है। पशुधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना और डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाना है। धनमती का कहना है कि अब वे न केवल परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी कर पा रही हैं, बल्कि आगे चलकर और अधिक पशु पालन कर अपने कारोबार को और बड़ा करने की योजना भी बना रही हैं। उनके इस प्रयास को देखकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।

साय सरकार की पहल से छत्तीसगढ़ में लाखों परिवारों को मिला पक्का मकान
हरी खाद - मिट्टी की खोई उर्वरता बढ़ाने का प्राकृतिक समाधान
एमपी ट्रांसको के इंजीनियरों की केस स्टडी को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
स्वच्छता के सारथियों के स्वास्थ्य और सम्मान को समर्पित “स्वच्छता स्वाभिमान कार्यशाला”
आगामी मई -जून माह में संभावित स्थानीय निकायो के आम/उप चुनाव के दृष्टिगत मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियां तेज
धोवाताल की 60 महिलाओं ने रची आत्मनिर्भरता की मिसाल
सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध : उप मुख्यमंत्री देवड़ा
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार पर जोर, राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में अहम निर्देश
“नक्सल प्रभाव से विकास की ओर बढ़ता ग्राम हेटारकसा