मध्य पूर्व में तनाव से कच्चा तेल 2% उछला, $96 के पार पहुंचा
ईरान के सैन्य ठिकानों पर अमेरिका द्वारा नए हमलों की खबरों के बाद गुरुवार को सुबह के कारोबार के दौरान वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 2 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। ईरान की आधिकारिक फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, गुरुवार तड़के बंदर अब्बास के पूर्वी इलाके में तीन भीषण धमाके सुने गए, जिसके बाद दक्षिणी ईरानी शहर में एयर डिफेंस सिस्टम को कुछ समय के लिए सक्रिय कर दिया गया। इसके तुरंत बाद, समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी के हवाले से पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर नए हमले किए हैं।
क्रूड फ्यूचर्स में आई जोरदार तेजी
इन हमलों की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से ऊपर चढ़ गए। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $1.90 या 2.02% की बढ़त के साथ $96.19 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अधिक सक्रिय अगस्त कॉन्ट्रैक्ट $1.64 या 1.78% की मजबूती लेकर $93.89 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स भी $1.73 या 1.95% की तेजी के साथ $90.41 प्रति बैरल पर ट्रेंड करता देखा गया।
शांति समझौते की उम्मीदों को लगा झटका
इससे पिछले कारोबारी सत्र में, दोनों ही वैश्विक क्रूड बेंचमार्क में 5% से अधिक की बड़ी गिरावट देखी गई थी और वे एक महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गए थे। बाजार को उम्मीद थी कि अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही कोई समझौता हो सकता है, जिससे यह टकराव समाप्त होगा और व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण 'होर्मुज स्ट्रेट' को फिर से खोल दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस त्रिपक्षीय युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के साथ हुई थी, जिसने वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है और दुनिया भर में ईंधन, खाद व खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ा दी हैं।
ड्रोन हमले के बाद अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
सप्लाई में व्यवधान और युद्ध के लंबा खिंचने की आशंका ही कच्चे तेल में तेजी की मुख्य वजह बनी हुई है। समाचार एजेंसी एपी (AP) के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने एक ईरानी हमलावर ड्रोन को मार गिराने के बाद वहां के सैन्य ठिकाने पर हमला बोला। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास में एक ईरानी ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को भी ध्वस्त कर दिया, जो कि पांचवां ड्रोन लॉन्च करने की तैयारी में था।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान और राजनीतिक समीकरण
यह नया सैन्य एक्शन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान "व्यर्थ की बातचीत" कर रहा है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव उन्हें इस तीन महीने पुराने युद्ध को खत्म करने के लिए किसी जल्दबाजी वाले समझौते के लिए मजबूर नहीं कर सकते। वर्तमान में अमेरिका एक ऐसे समझौते के प्रयास में है जिससे होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल जाए और ईरान की परमाणु क्षमताएं सीमित हो जाएं, ताकि रिपब्लिकन पार्टी इस मोर्चे पर अपनी जीत का एलान कर सके। हालांकि, सोमवार को भी अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में हमले किए थे, जिसे ईरान ने युद्धविराम का बड़ा उल्लंघन करार दिया था।

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