अहमदाबाद विमान हादसा... जांच रिपोर्ट में खुलासा..
फ्यूल स्वीच ऑफ... दोनों इंजन बंद होने से विमान गिरा
अहमदाबाद। अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया विमान के ब्लैक बाक्स की जांच में पता चला है कि विमान का फ्यूल कटआफ स्वीच बंद होने से विमान के दोनों इंजनों को ईंधन सप्लाय बंद हो गया और टेकऑफ के कुछ सेकंड ही बाद विमान की स्पीड धीमी हुई और क्रैश हो गया।
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने हादसे के कारणों की अब 15 पेज की शुरुआती रिपोर्ट जारी की। इसमें तकनीकी कारणों का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उड़ान भरने के ठीक बाद दोनों इंजन के फ्यूल कटऑफ स्वीच रन से कटऑफ की स्थिति में आ गए थे, वो भी सिर्फ एक सेकंड के अंतराल में। इसके बाद दोनों इंजनों की थ्रस्ट क्षमता पूरी तरह खत्म हो गई और विमान अहमदाबाद स्थित मेडिकल कॉलेज के होस्टल पर जा गिरा।
आपातकालीन बिजली सप्लाय भी काम नहीं कर पाई
रिपोर्ट के अनुसार दोनों इंजन में रीलाइट की प्रक्रिया शुरू हुई। विमान के एक इंजन ने थोड़ी देर के लिए काम करना शुरू किया, लेकिन दूसरा इंजन पूरी तरह से स्पीड रिकवर नहीं कर पाया। इस दौरान पावर यूनिट भी ऑटोस्टार्ट मोड में सक्रिय हुआ, लेकिन वह भी विमान को स्थिर नहीं कर पाया। एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद यह सामने आया कि टेकऑफ के तुरंत बाद विमान का आपातकालीन पंखा बाहर आ गया। आमतौर पर यह तभी बाहर निकलता है, जब विमान की बिजली सप्लाई में समस्या आती है। इसका मतलब है कि इंजन बंद होने के कारण विमान की मेन पावर सप्लाई भी प्रभावित हुई थी। रैम एयर टर्बाइन एक छोटा प्रोपेलर जैसा उपकरण होता है, जो दोनों इंजन के बंद होने या पावर सप्लाई बंद होने अथवा हाइड्रोलिक विफलता पर स्वचालित रूप से तैनात हो जाता है। यह विमान को ऊंचाई बनाए रखने में मदद करता है। आरएटी आपातकालीन शक्ति उत्पन्न करने के लिए हवा की गति का उपयोग करता है।
फ्यूल कट आफ स्वीच कैसे बंद हुआ
विमान दुर्घटना में फ्यूल स्वीच बंद होने का कारण पता लगने के बाद अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फ्यूल कटआफ स्वीच कैसे बंद हुआ। कहीं इसमें फ्यूल रिफील करने वाले कर्मचारियों की गलती तो नहीं है। हालांकि वर्ष 2018 में विमान की जांच के दौरान तकनीकी विशेषज्ञों ने इस बारे में एयर इंडिया को सचेत किया था, लेकिन उन्होंने इस बात पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस मामले की भी जांच हो सकती है।
दोनों पायलटों की चंद सेकंड की बात... एक ने दूसरे से पूछा...फ्यूल क्यों बंद किया
इस दौरान दोनों पायलटों के बीच बातचीत होती है। एक पायलट ने पूछा- आपने फ्यूल क्यों बंद कर दिया? इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया- मैंने ऐसा नहीं किया। इस बातचीत के कुछ सेकंड बाद ही प्लेन की स्पीड धीमी होने लगती है और यह विमान मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग से जा टकराता है।
पायलट कोशिश के बाद क्रैश से नहीं बचा पाए
रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे वाले विमान में दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच बंद थे, जिसके बाद पायलटों ने इसे चालू किया और दोनों इंजन को दोबारा शुरू करने की कोशिश की थी। लेकिन विमान बहुत कम ऊंचाई पर था, इसलिए इंजनों को दोबारा ताकत पाने का समय नहीं मिल सका और विमान क्रैश हो गया। हालांकि ये सामने नहीं आया है कि फ्यूल स्विच बंद कैसे हुए थे। 15 पन्नों की रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ से लेकर हादसे तक की पूरी उड़ान करीब 30 सेकेंड ही चली।

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