चिरायु अस्पताल के CMD बोले- एक हफ्ते से मेरे यहां रोजाना 10 से 15 मौतें; सरकार ने बुलेटिन में इस दौरान पूरे राज्य में 13 से 40 के बीच ही मौतें बताईं

भोपाल का भदभदा विश्राम घाट।
मध्यप्रदेश में कोरोना से होने वाली मौतों के सरकारी आंकड़े और श्मशान घाट-कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार के आंकड़ों में काफी अंतर है। इस पर मंगलवार को बड़ा खुलासा हुआ है। अकेले भोपाल के चिरायु अस्पताल में ही 7 दिन से रोजाना 10 से 15 मौतें हो रही हैं, जबकि सरकार की हेल्थ बुलेटिन में इस दौरान पूरे प्रदेश में 13 से 37 के बीच ही मौत होना बताई गई हैं। इसका मतलब यह है कि पूरे प्रदेश में जितनी मौतें हो रही हैं, उतनी अकेले चिरायु अस्पताल में हो रही हैं। चिरायु अस्पताल में इतनी मौतों की बात खुद वहां के सीएमडी अजय गाेयनका ने कही है। सीएम शिवराजसिंह चौहान स्वयं कोरोना संक्रमित होने पर इसी चिरायु अस्पताल में ठीक हुए है। ऐसे में अस्पताल के सीएमडी का बयान भी झुठलाना आसान नहीं होगा।

अजय गोयनका ने  बातचीत में कहा कि चिरायु अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में 10 से 15 मौत रोजाना हो रही है। यदि प्रदेश भर में पिछले एक सप्ताह के मौत के आंकड़े से तुलना करे तो चिरायु अस्पताल में ही प्रतिदिन 50 प्रतिशत मौत होने की बात सामने आ रही है। इससे साफ है कि सरकारी मौत के आंकड़ों में बड़ी गड़बड़ी है।

6 अप्रैल को सरकारी आंकड़ों में 18 मौत

प्रदेश सरकार की तरफ से जारी होने वाले हेल्थ बुलेटिन के अनुसार 6 अप्रैल को प्रदेश में 18 मौत हुई। यदि इनमें से 10 मौत चिरायु में माने तो बाकी प्रदेश में 8 मौत हुई। 56 प्रतिशत मौत चिरायु अस्पताल में हुई, बाकी प्रदेश में 44 प्रतिशत मौत कोरोना से हुई। इसी तरह यदि 7 अप्रैल के सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 13 मौत हुई। यदि इसमें से 10 मौत चिरायु अस्पताल में होना माने ले तो बाकी प्रदेश के अस्पताल में सिर्फ 3 मौत हुई।

पिछले एक सप्ताह में प्रदेश में सरकार के अनुसार कोरोना से हुईं मौतें

12 अप्रैल को प्रदेश में 37 मौत
11 अप्रैल को प्रदेश में 24 मौत
10 अप्रैल को प्रदेश में 24 मौत
9 अप्रैल को प्रदेश में 23 मौत
8 अप्रैल को प्रदेश में 27 मौत
7 अप्रैल को प्रदेश में 13 मौत
6 अप्रैल को प्रदेश में 18 मौत

यह बोले सीएमडी

रोज 10-15 मौत होती हैं। पिछले 7 दिन में ऐसा कोई दिन नहीं जब इतनी मौतें न हुई हों। रोज भोपाल में 60 मौत कैसे हो सकती हैं। 15 से 17 मेरे यहां। 10 से 5 हमीदिया अस्पताल में। ऐसे ही होती है ना। यदि दो चार हो गई। मतलब 15 की जगह 17 हो गई तो क्या ऑक्सीजन की कमी हो गई। यह सिर्फ कोई बदमाशी कर रहा है। ऐसा कुछ भी नहीं है। कोविड की मौत हमेशा ऑक्सीजन एब्जॉर्ब न करने की वजह से ही होती है। अब उसे कोविड की वजह से कह लो, ऑक्सीजन की कमी से कह लो। मैं इसमें क्या कह सकता हूं। इसकी कोई परिभाषा नहीं है। मेरे यहां एक दिन में 34 मौत नहीं हुई है, यह फेक मैसेज है। अस्पताल में ऑक्सीजन की भी कोई कमी नहीं है।

अजय गोयनका, सीएमडी, चिरायु अस्पताल, भोपाल