नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने देशभर में कोरोना  के बढ़ते मामलों के बीच 45 से कम उम्र वालों को कोरोना टीका लगाने का सुझाव खारिज कर  दिया है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि  जब भी टीकाकरण  होता है तो उसका पहला उद्देश्य मौत से लोगों को बचाना होता है और दूसरा हेल्थकेयर सिस्टम को दुरुस्त करना होता है। भारत, अमेरिका, ब्रिटेन सभी देश में इन्हीं दो उद्देश्य से टीका दिया जा रहा है। भूषण ने कहा कि यूके में आज भी टीका सबके लिए नहीं खोला गया है। अमेरिका में भी उम्र के हिसाब से टीका दिया गया है। फ्रांस में भी कहा गया कि 50 साल से ऊपर के लोग जो रिस्क में है उन्हें टीका दिया जाएगा।
अन्य देशों की बात करें तो स्वीडन में 65 साल से ऊपर के लोगों को दिया जा रहा है। आस्ट्रेलिया में 70 साल से ऊपर के लोगों को दिया जा रहा है और कुछ दूसरी कटेगरी भी हैं जिन्हें दिया जा रहा है। भूषण ने कहा कि बिना योजनाबद्ध के टीका नहीं दिया जाता है। वहीं, कोरोना की रफ्तार पर नीति आयोग के सदस्य, वीके पॉल ने कहा कि इस बार कोरोना की स्पीड पिछली बार से ज्यादा है, असाधारण स्थिति उत्पन्न हो रही है और अगले 4 हफ्ते बहुत-बहुत क्रिटिकल है। 
ज्ञात रहे कि देश-भर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने 45 वर्ष या उससे अध‍िक के अपने सभी कर्मचारियों को वैक्सीन लगवाने की सलाह दी है कि कोरोना के प्रसार को रोकने में मदद मिल सके। साथ ही सरकार ने कहा है कि वैक्सीन लगवाने के बाद भी कोरोना से बचने के उपयों, जैसे मास्क लगाना, हाथ धोना और दो गज की दूरी बनाए रखना, इनका पालन करते रहना होगा। 
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कर्मचारियों को टीकाकरण के बाद भी कोविड-19 से बचाव के दिशा निर्देशों का पालन करने का सुझाव दिया गया है, जिसमें लगातार हाथ धोना, सेनेटाइजेशन, मास्क या फेस कवर पहनना और सामाजिक दूरी शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि सरकार स्थिति की गहरी निगरानी कर रही है और कोविड-19 के प्रसार की रोकथाम के दृष्टिगत टीकाकरण के लिए समूहों को प्राथमिकता देने के वास्ते अपनाई गई रणनीति के आधार पर 45 साल या उससे अधिक उम्र के सभी व्यक्ति टीकाकरण अभियान में हिस्सा ले सकते हैं।
केंद्र सरकार के सभी विभागों एवं मंत्रालयों को जारी इस आदेश में कहा गया है, ‘‘उपरोक्त के मद्देनजर, 45 साल या उससे अधिक उम्र के सभी केंद्रीय कर्मचारियों को सुझाव दिया जाता है कि संक्रमण के प्रसार पर प्रभावी रोक लगाने के लिये वह टीकाकरण करवायें।'' देश में पिछले कुछ हफ्तों में कोरोना वायरस संक्रमण की चिंताजनक होती स्थिति के बीच यह आदेश आया है।