नई दिल्ली । मिस्र के 18 राजाओं और चार रानियों के ममी को तीन हजार साल बाद शनिवार को भव्य द फैरो गोल्डन परेड के बीच नए राष्ट्रीय संग्रहालय में स्थानांतरित किया गया। 18 फैरो और चार अन्य राजशाही घराने की हस्तियों को वातानुकूलित बक्से में ट्रकों से म्यूजियम तक लाया गया। इन हस्तियों को करीब तीन हजार साल पहले देर-एल-बहरी स्थित वैली ऑफ किंग्स में दफन किया था। शाही परेड में किंग रामसेस-2, किंग सेकनेयर ताओ, किंग तुटमोज-3, किंग सेती-1 क्वीन हाट्सएपशुट, क्वीन मेरीटामेन और क्वीन आहमोज नेफ्रतारी समेत अन्य के ममी की परेड निकली। राजशाही परिवार के इन ममी को नए म्यूजियम तक पहुंचाने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। शाही ममी के सम्मान में 21 बंदूकों की सलामी देने के साथ रंग बिरंगी लेजर रोशनी के साथ राजशाही धुन को भी बजाया गया। रथों पर उनका नाम भी आकर्षक ढंग से लिखा था। सुरक्षाबल घोड़ों पर मार्च कर रहे थे जबकि बड़ी-बड़ी हस्तियां ममी के पीछे वाहनों में चल रही थीं। इजिप्ट के राष्ट्रपति अब्देल फताह एल सिसी ने नए म्यूजियम में सभी ममी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह दृश्य लोगों की महानता का परिणाम है। इस विशेष  सभ्यता की सुरक्षा हमारी नैतिक जिम्मेदारी है क्योंकि यही हमारा इतिहास है और खूबसूरती है। परेड में शामिल अधिकतर ममी प्राचीन न्यू किंग्डम की थीं जिन्होंने 1539 ईसा पूर्व से 1075 ईसापूर्व तक शासन किया था।  इसमें से 20 ममी का दीदार होगा। जबकि दो को संरक्षित किया जाएगा।