मेडिकल नेग्लिजेंस का मामला, मरीज ने डॉक्टर से मांगे 49.56 लाख रुपये
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां पर एक डॉक्टर को नाक के इलाज में लापरवाही करना भारी पड़ गया. जिला उपभोक्ता आयोग की तरफ से इस मामले में डॉक्टर पर जुर्माना लगाया गया है. इतना ही नहीं पीड़ित मरीज ने डॉक्टर से मुआवजे के तौर पर 49.56 लाख रुपये की मांग कर दी है. आइए जानते है क्या है पूरा मामला।
इलाज में लापरवाही
ग्वालियर के जिला उपभोक्ता आयोग ने नाक के इलाज में लापरवाही के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है, आयोग ने सत्यम ईएनटी केयर सेंटर के संचालक डॉ. रविंद्र बंसल को दोषी मानते हुए मरीज रवि खंडेलवाल को मुआवजा देने का आदेश दिया है. दरअसल पीड़ित रवि खंडेलवाल को एक फरवरी 2022 को नाक से खून आने की शिकायत हुई, जिस पर उन्होंने डॉक्टर बंसल से इलाज करवाया।
डॉक्टर ने एंकोस्कोपी और कॉटरआइजेशन किया
डॉक्टर ने एंकोस्कोपी और कॉटरआइजेशन किया, लेकिन इसके बाद भी उनकी हालात बिगड़ती गई. किसी भी तरह का कोई आराम नहीं लगा बल्कि नाक में सूजन, दर्द और ब्लॉकेज बढ़ता गया. दूसरी तरफ डॉक्टर लगातार दवा देते रहे और समस्या को गंभीर नहीं माना. उसके बाद बाद में जब मरीज ने डॉ. एएस भल्ला, डॉ. एके जैन और डॉ. अभिषेक जैन गोयल को दिखाया, तो पता चला कि उन्हें सेप्टल एब्सेस हो गया है।
समय पर सही इलाज न मिलने के कारण
समय पर सही इलाज न मिलने के कारण पीड़ित की नाक की कॉर्टिलेज खराब हो गई, जिससे सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी. अब मरीज ने 49.56 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है. वहीं डॉक्टर बंसल ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने मानक प्रक्रिया के अनुसार इलाज किया और कोई लापरवाही नहीं की।
इस मामले पर आयोग ने सुनवाई की तो…
जब इस मामले पर आयोग ने सुनवाई की तो सभी साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा और सदस्य रेवती रमण मिश्रा ने माना कि सेप्टल एब्सेस का इलाज मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार नहीं किया गया, जिससे मरीज को स्थायी नुकसान हुआ. आयोग ने आदेश दिया कि डॉक्टर और बीमा कंपनी मिलकर 1 लाख रुपये का मुआवजा 45 दिन के भीतर दें।

राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, राहुल बोले- PM मोदी माफी मांगें, अमित शाह जिम्मेदार
शरद पवार का खुलासा: PM से हुई चर्चा के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कहानी में आया मोड़
नौकरी के नाम पर बना बंधक, युवकों की दर्दभरी कहानी सुन पुलिस भी रह गई हैरान
'यहां इस्तीफे नहीं होते'... लेकिन 12 साल में बदलते रहे मंत्री, जानिए पूरी कहानी
सीरिया में बड़ा सड़क हादसा, बस पलटने से 35 लोगों की गई जान
एक साथ 10 इस्तीफे, रालोद में उठे असंतोष के सुर, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
'धोखेबाज भतीजे' पर CM शुभेंदु का करारा प्रहार, सेबाश्रय शिविर घोटाले में दी चेतावनी