असम विधानसभा चुनाव की मतगणना लगभग पूरी होने को है। वहां सत्ताधारी भाजपा गठबंधन बहुमत का आंकड़ा पार कर गया है। भाजपा के इस नए गढ़ को भेदने के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपनी रणनीति का इस्तेमाल किया लेकिन कांग्रेस गठबंधन को बहुमत के करीब भी नहीं पहुंचा पाए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने असम में जिन 36 विधानसभा सीटों पर अपना चुनाव प्रचार फोकस किया था, उनमें से केवल 11 सीटें कांग्रेस के पक्ष में आती दिख रही हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष साेनिया गांधी ने चुनाव की घोषणा से काफी पहले जनवरी 2021 की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम में कांग्रेस का चुनावी पर्यवेक्षक और चुनाव प्रबंधक बना दिया था। छत्तीसगढ़ के ही कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय को राष्ट्रीय सचिव बनाकर असम का सह प्रभारी बनाया गया। उसके बाद से ही कांग्रेस नेताओं का बड़ा हिस्सा असम चुनाव अभियान में शामिल होने पहुंचा था। दूसरे चरण का चुनाव प्रचार खत्म होने तक असम में छत्तीसगढ़ के 500 से अधिक नेता-कार्यकर्ता मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस की टीम ने बूथ स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के साथ ही गली-मोहल्लों में पंपलेट बांटने तक का काम किया। इनका फोकस अपर और मिडिल असम पर था। जहां चाय बागानों के आसपास छत्तीसगढ़िया मूल के लाखों लोग रहते हैं। चाय मजदूरों, CAA-NRC विरोधी आंदोलन और स्थानीयतावाद और क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन के साथ कांग्रेस का सत्ता में वापसी की उम्मीद थी, लेकिन यह पूरी नहीं हो पाई। नतीजों में दिख रहा है कि अपर असम में भाजपा को एकतरफा बढ़त मिली है।

हार के कई कारण हो सकते हैं समीक्षा हाेगी

कांग्रेस के असम प्रभारी विकास उपाध्याय ने कहा, अपर असम के जिस इलाके में हम लोगों को लगाया गया था, वह पार्टी के लिए सबसे कठिन इलाका था। अभी के रुझानों से यह साफ है कि हम असम में चुनाव हार गए हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं। हमें जमीनी स्तर पर अधिक मेहनत करने की जरूरत है। कुछ दिनों में पूरी समीक्षा होगी। कारणों की तलाश की जाएगी। उन पर काम होगा।

भाजपा ने कहा, असम में चुनाव जीत पाए छत्तीसगढ़ में कोरोना की जंग

भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चुनाव प्रचार करने पहले बिहार गए और फिर असम। दोनों जगहों पर कांग्रेस का बुरा हाल हुआ। छत्तीसगढ़ की जनता से तो झूठे वादे कर सत्ता में गए लेकिन असम की जनता ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया। श्रीवास्तव ने कहा, चाहे बंगाल हो या असम जनता ने कांग्रेस को सिरे से नकार दिया है। अब केवल ढाई वर्ष बचे हैं, भूपेश बघेल जी! दुनियादारी छोड़कर केवल छत्तीसगढ़ में ध्यान दीजिए। असम में चुनावी जंग जीत पाए और छत्तीसगढ़ में कोरोना की जंग।

अमित जोगी ने बाेले, तंह-तंह बंटाधार

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अमित जोगी ने कहा, अमेठी के बाद असम की कमान संभालने वाले छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल जी ने सिद्ध कर दिया है कि जंह-जंह पांव पड़े संतन के तंह-तंह बंटाधार। वे अपना राष्ट्रीय कद बनाने की असंभव महत्वाकांक्षा को पूरा करने में प्रदेश के सीमित संसाधनों को अन्य राज्यों में फूंकना बंद करें।