कोरोना कर्फ्यू के हालात में भी दाता कॉलोनी में बेचे जा रहे सिगरेट, पान और गन्ने का रस; तलैया क्षेत्र में पुलिस की मेहरबानी से चल रही दुकान

चाय की दुकान पर इस तरह लग रही भी

भोपाल कोरोना कर्फ्यू की पाबंदियां और छूट के बीच खींची सीमा रेखा दुकानदारों ने खुद ही अपने हिसाब से तय कर ली है। कुछ रसूख और कुछ वसूली वालों से सांठगांठ का असर यह हैं कि बिना चिन्हित दायरे में शामिल हुए वे बेखौफ दुकान खोल रहे हैं। देखने वाले ताज्जुब से आंखें भी फैला रहे हैं और अन्य दुकानदार अपनी किस्मत पर आंसू भी बहा रहे हैं।

एयरपोर्ट रोड पर दाता कॉलोनी में मोदी टी स्टॉल पर सिगरेट, पान और गन्ने का रस बेचा जा रहा है तो तलैया क्षेत्र की एक दुकान पर भी पुलिस की मेहरबानी है। राजधानी के एयरपोर्ट रोड पर स्थित दाता कॉलोनी के करीब मुख्य मार्ग पर एक चाय दुकान है। नाम ऐसा रखा गया है कि आम पुलिस वाला या अन्य विभाग कार्यवाही करने से पहले दस बार सोचने पर मजबूर हो जाए। मोदी टी स्टॉल नाम की इस दुकान में गन्ने का रस से लेकर पान, गुटका, सिगरेट और अन्य खानपान सामग्री की बिक्री हो रही है। चाय-पान दुकानों को कोरोना कर्फ्यू में किसी तरह की छूट न होने के बावजूद इस दुकान का सतत खुले रहना अन्य दुकानों पर कार्यवाही करने वालों पर सवाल उठा रही है।

इधर शहर के बीच स्थित तलैया क्षेत्र में आलोक प्रेस के सामने एक फ्रूट शॉप का खुले रहना भी लोगों की जिज्ञासा का कारण बना हुआ है। आसपास के दुकानदारों को इस दुकान का खुला रहना और किसी द्वारा आपत्ति न किया जाना इस बात से संतुष्ट कर देता है कि यहां अक्सर थाना तलैया के पुलिसकर्मी आते हैं, कुछ देर रुकते हैं और फिर चले जाते हैं। इस दौरान इस बात को भी रेखांकित किया जा रहा है कि यही पुलिस वाले, जिनकी मेहरबानी फ्रूट शॉप पर बनी हुई है क्षेत्र में लगने वाली शीरमाल, नुक्ती-खारे की दुकान से लेकर सब्जी और दूध दुकानों पर सख्ती करने से नहीं चूकते।

लोगों को ऑफिस आने से भी रोका गया

कर्फ्यू, लॉकडाउन के दौरान पुलिस ने अब लोगों को ऑफिस जाने से भी रोकने का फैसला किया है। मात्र 10 फीसदी को ही एंट्री है। ऐसे में दुकान खुलने से पुलिस की मॉनीटरिंग पर सवाल खड़े हो गए हैं।