हलहारिणी अमावस्या 2026: कब है आषाढ़ अमावस्या? जानें पूजा, स्नान-दान और शुभ योग
आज यानी 30 जून, मंगलवार से आषाढ़ के पवित्र महीने की शुरुआत हो गई है। हिंदू धर्म में आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है। इस खास दिन पर पवित्र नदियों में स्नान करने, गरीबों को दान देने और पूर्वजों (पितरों) के लिए तर्पण या श्राद्ध करने से सभी पाप धुल जाते हैं और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। किसानों के लिए भी यह दिन बेहद खास होता है, इसलिए इसे हलहारिणी अमावस्या भी कहा जाता है।
आषाढ़ अमावस्या की सही तारीख और मुहूर्त
पंचांग के मुताबिक, अमावस्या तिथि की शुरुआत 13 जुलाई, सोमवार को शाम 6 बजकर 49 मिनट पर होगी और इसका समापन अगले दिन 14 जुलाई, मंगलवार को दोपहर 3 बजकर 12 मिनट पर होगा। शास्त्रों में उदयातिथि (सूर्योदय के समय की तिथि) को प्रधानता दी जाती है, इसलिए आषाढ़ अमावस्या 14 जुलाई 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी। इसी दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ के सारे काम किए जाएंगे।
स्नान और दान का सबसे उत्तम समय
इस दिन सुबह का ब्रह्म मुहूर्त 04:11 AM से 04:52 AM तक रहेगा। यदि आप इस समय स्नान न कर पाएं, तो सुबह 05:33 AM पर सूर्योदय होने के बाद भी स्नान कर सकते हैं। अगर आप किसी पवित्र नदी में नहीं जा पा रहे हैं, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें और उसके बाद अपनी इच्छाशक्ति के अनुसार दान-पुण्य करें। इसके अलावा सुबह 10:43 AM से दोपहर 12:27 PM तक का समय भी स्नान-दान के लिए बहुत शुभ है।
पूर्वजों के लिए श्राद्ध और तर्पण का समय
अमावस्या के दिन स्नान करने के तुरंत बाद अपने पितरों (पूर्वजों) की तृप्ति के लिए तर्पण करना चाहिए। अगर आप पितरों के नाम पर श्राद्ध या पिंडदान करना चाहते हैं, तो इसके लिए सबसे अच्छा समय दोपहर 11:30 AM से दोपहर 02:30 PM के बीच का रहेगा। इस दिन दोपहर 11:57 AM तक व्याघात योग रहेगा और उसके बाद हर्षण योग बनेगा, जो बेहद शुभ माना जाता है।
जानिए इसे क्यों कहते हैं हलहारिणी अमावस्या
आषाढ़ के महीने से ही देश में वर्षा ऋतु की शुरुआत होती है और किसान अपने खेतों की जुताई का काम शुरू करते हैं। इस दिन देश के अन्नदाता (किसान) अपने हल, खेती-किसानी के औजारों और भर्ती माता की विशेष पूजा करते हैं। वे भगवान से अच्छी फसल और खुशहाली की प्रार्थना करते हैं, इसी वजह से इस अमावस्या को हलहारिणी अमावस्या कहा जाता है।

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