ट्रम्प बोले- ईरान के खिलाफ लड़ाई में पीछे नहीं हटेगा अमेरिका
वाशिंगटन: मध्य पूर्व में जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ा संदेश दिया है। अपनी महत्वपूर्ण चीन यात्रा पर रवाना होने से ठीक पहले ट्रम्प ने हुंकार भरते हुए कहा कि अमेरिका इस जंग को हर हाल में जीतेगा और ईरान के पास अब केवल दो ही रास्ते बचे हैं—या तो वह बातचीत की मेज पर आकर समझौता करे या फिर पूरी तरह तबाही का सामना करने के लिए तैयार रहे। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की स्थिति बेहद मजबूत है और उनके पास स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी सैन्य और रणनीतिक विकल्प खुले हुए हैं।
चीन दौरे पर युद्ध और व्यापार दोनों रहेंगे केंद्र में
ट्रम्प ने जानकारी दी कि उनकी बीजिंग यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली चर्चा में ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट में उपजे वैश्विक संकट पर विस्तार से बात होगी। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि द्विपक्षीय व्यापार वार्ता का सबसे अहम एजेंडा रहेगा, लेकिन वैश्विक सुरक्षा की दृष्टि से ईरान का मुद्दा टाला नहीं जा सकता। अमेरिका चाहता है कि चीन इस संकट के समाधान में अपनी भूमिका स्पष्ट करे, खासकर तब जब होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल की आपूर्ति पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही है।
74 दिनों की जंग में अमेरिका ने खर्च किए 29 अरब डॉलर
एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के साथ चल रहे इस सैन्य संघर्ष के पिछले 74 दिनों में अमेरिका ने अब तक कम से कम 29 अरब डॉलर (करीब 2.4 लाख करोड़ रुपये) खर्च कर दिए हैं। यह विशाल धनराशि केवल हथियारों, गोला-बारूद और सैन्य साजो-सामान पर व्यय हुई है। इसमें युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हुए ढांचागत नुकसान का हिसाब शामिल नहीं है। इसी भारी भरकम खर्च के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कांग्रेस से अतिरिक्त रक्षा बजट की गुहार लगाई है, ताकि अमेरिका अपनी वैश्विक सैन्य शक्ति को बरकरार रख सके।
तेल की बढ़ती कीमतें और होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा खतरा
युद्ध का सीधा असर अब वैश्विक बाजार और रणनीतिक रास्तों पर दिखने लगा है। पिछले 24 घंटों में शांति वार्ता बेनतीजा रहने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया है, जिससे ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। वहीं, ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड ने होर्मुज स्ट्रेट के 500 किलोमीटर के दायरे को 'ऑपरेशन जोन' घोषित कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बढ़ गया है। स्थिति से निपटने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने अपने सुरक्षित तेल भंडार (Strategic Petroleum Reserve) से 5.33 करोड़ बैरल तेल जारी करने का फैसला किया है ताकि आपूर्ति को सुचारू रखा जा सके।

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