चुनावी संग्राम तेज: ममता की EC से शिकायत, BJP पर प्रक्रिया प्रभावित करने के आरोप
नयी दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को चुनाव आयोग से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और मतदाताओं को धमकाने का आरोप लगाया है। इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और किरेन रिजिजू के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। भाजपा प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, किरण रिजिजू और सुकांत मजूमदार के साथ-साथ अनिल बलूनी और पार्टी के कई नेता शामिल थे। नेताओं ने आयोग को एक ज्ञापन सौंपकर राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की। श्री रिजिजू ने मीडिया से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर लोगों के घरों में जाकर धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने प्रशासन और पुलिस की मदद से पूरे चुनाव को हाईजैक कर लिया है।
भाजपा नेताओं का दावा है कि पिछले चुनावों में भी सत्ताधारी दल ने दबाव और दादागिरी के जरिए जीत हासिल की थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसे किसी भी तरह से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। भाजपा ने चुनाव आयोग से अपील की कि वह पश्चिम बंगाल के प्रशासन और पुलिस तंत्र को अपने नियंत्रण में लेकर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करे। वहीं, भाजपा का यह भी दावा है कि राज्य में जनता तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ है और इसी वजह से सत्ताधारी दल घबराकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। चुनाव आयोग ने आश्वासन दिया है कि सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

देवखोल में अवैध कोयला खनन पर बड़ी कार्रवाई, 6 टन से अधिक कोयला जब्त
10वीं-12वीं बोर्ड के विद्यार्थियों को द्वितीय अवसर परीक्षा का मिलेगा मौका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भावुक हुए पीएम मोदी: 'माताओं-बहनों से मांगी माफी, बोले- मेरे लिए देशहित सर्वोपरि'
पश्चिम बंगाल में भाजपा के समर्थन में उतरे डॉ. मोहन यादव, जनसभा को किया संबोधित
राहुल गांधी की 6 गारंटियां: तमिलनाडु की महिलाओं और छात्रों को हर महीने मिलेंगे 2000 रुपये।
प्रशासन का सख्त एक्शन: बिना लाइसेंस चल रही चांदी रिफाइनरी सील, मौके से आधुनिक मशीनें बरामद।
ईरान की सख्ती: अब जहाजों को लेनी होगी IRGC की इजाजत
साहब की बहाली के लिए बाबू ने मांगी घूस: 40 हजार रुपये के साथ पकड़े गए स्थापना शाखा प्रभारी।
अनुभव का सम्मान या परीक्षा का दबाव? पात्रता परीक्षा पर मप्र के शिक्षकों ने खोला मोर्चा