यूएस वाणिज्य दूतावास के बाहर हिंसक प्रदर्शन, फायरिंग में 12 की मौत
कराची। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद पाकिस्तान के करांची में उग्र प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। एमटी खान रोड पर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर जुटी भीड़ ने आगजनी और तोड़फोड़ की। हालात बेकाबू होने पर सुरक्षा बलों की फायरिंग में कम से कम 12 लोगों के मारे जाने और 30 से अधिक के घायल होने की खबर है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी दूतावास की ओर मार्च करते हुए पहुंचे और बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। भीड़ ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया और परिसर में घुसने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया, लेकिन तनाव बढ़ने पर गोलीबारी की गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटनास्थल के पास कई शव मिले, जबकि घायलों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। करांची के सिविल अस्पताल में तैनात पुलिस सर्जन डॉ. सुमैया सैयद ने मीडिया को बताया कि छह शव अस्पताल लाए गए हैं। दो घायल पुलिसकर्मियों और दो प्रदर्शनकारियों को जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया है। घायलों में कुछ को गोली लगने की पुष्टि हुई है, जबकि पुलिसकर्मी तेज और कुंद हथियारों से घायल बताए गए हैं।
सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लांजार ने करांची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक आजाद खान से तत्काल रिपोर्ट तलब की है। उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं।
यातायात हुआ प्रभावित
प्रदर्शन के चलते सुल्तानाबाद ट्रैफिक सेक्शन से माई कोलाची तक दोनों ओर यातायात बंद कर दिया गया। कराची ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है। शहर के कई हिस्सों में अतिरिक्त पुलिस और रेंजर्स बल तैनात कर दिए गए हैं।
अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन
मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि करांची के अलावा पाकिस्तान के अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए, हालांकि वहां स्थिति नियंत्रण में रही। लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर सैकड़ों लोग एकत्र हुए, लेकिन किसी बड़ी हिंसा की सूचना नहीं है। क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर है, जिसका प्रभाव अब दक्षिण एशिया तक पहुंच चुका है। फिलहाल कराची में हालात संवेदनशील बने हुए हैं और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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