होलिका दहन की अग्नि में अर्पित करें ये सामग्री, चमक उठेगा भाग्य ग्रह दोष होंगे समाप्त, नौकरी और शादी की बाधा खत्म
होलिका दहन का त्योहार हमारे जीवन में विशेष महत्व रखता है. कई बार ऐसा होता है कि व्यक्ति मेहनत तो बहुत करता है. लेकिन उसे सफलता नहीं मिलती. कुछ लोग लगातार ग्रह दोष, कर्ज, शारीरिक कष्ट या शादी-विवाह में आ रही बाधाओं से परेशान रहते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार होलिका दहन का दिन इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए बेहद शुभ माना जाता है.
होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. यह पर्व होलिका दहन के रूप में मनाया जाता है, जो होली से एक दिन पहले होता है. इस दिन अग्नि जलाई जाती है और मान्यता है कि उस पवित्र अग्नि में अपनी नकारात्मक ऊर्जा, कष्ट और बाधाओं को समर्पित करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं. तो लिए देवघर के ज्योतिषाचार्य से जानते हैं कि होलिका दहन के दिन अग्नि में किन चीजों का अर्पण करना शुभ होता है और होलिका दहन का शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है?
क्या कहते है देवघर के ज्योतिषाचार्य
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस साल 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा. इस दिन रात 11 बजकर 50 मिनट का समय विशेष रूप से शुभ बताया गया है. यदि इस शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से होलिका दहन किया जाए तो इसका विशेष फल प्राप्त होता है. होलिका दहन के दिन कुछ विशेष उपाय करने चाहिए. सबसे पहले श्रद्धा और विश्वास के साथ होलिका की पूजा करें. इसके बाद होलिका की अग्नि के चारों ओर 11 बार परिक्रमा करें. परिक्रमा करते समय मन में अपनी समस्याओं के समाधान की प्रार्थना करें. माना जाता है कि 11 परिक्रमा करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन की बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं.
होलिका दहन के दिन अग्नि में करे इन चीजों का अर्पण
परिक्रमा के बाद होलिका की अग्नि में कुछ विशेष चीजें अर्पित करनी चाहिए. इनमें काला तिल, खीर-पूरी का पकवान, हल्दी, लौंग और पीली सरसों शामिल हैं. काला तिल नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक माना जाता है. हल्दी और पीली सरसों शुभता और समृद्धि का प्रतीक है. लौंग से वातावरण शुद्ध होता है और खीर-पूरी को समर्पण और प्रसन्नता का प्रतीक माना जाता है.
मान्यता है कि इन वस्तुओं को अग्नि में अर्पित करने से कर्ज से मुक्ति मिलने के योग बनते हैं. यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से आर्थिक परेशानी है तो उसे राहत मिल सकती है.शारीरिक कष्टों में भी कमी आती है और स्वास्थ्य में सुधार होता है. इसके साथ ही यदि शादी-विवाह में कोई अड़चन आ रही हो, रिश्ते बार-बार टूट रहे हों या बात बनते-बनते रुक जाती हो, तो यह उपाय उन बाधाओं को दूर करने में सहायक माना गया है.

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