विधानसभा में “साफ पानी हमारा अधिकार” के नारे के साथ विरोध प्रदर्शन
भोपाल। विधानसभा सत्र का दूसरा दिन भी हंगामेदार रहा है, जहां सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौत के मामले में एक अनोखा प्रदर्शन किया. विपक्ष के सभी विधायकों ने हाथ में दूषित पानी और सांकेतिक डेड बॉडी लेकर गांधी प्रतिमा के नीचे बैठकर सरकार का विरोध किया।
इंदौर की घटना पर चर्चा की मांग
विपक्ष का विरोध हर सत्र में देखने को मिलता है, लेकिन इंदौर की घटना को लेकर विपक्ष पहले दिन से ही हमलावर है और विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के पहले भी एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला. वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने सरकार पर तमाम आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी भी लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है. जिस प्रकार से इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत हुई है, ऐसे में जवाबदारी मंत्रियों को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. विपक्ष चाहता है कि इंदौर की घटना पर सत्ता पक्ष सदन में चर्चा करे, यदि चर्चा नहीं होती तो विपक्ष के सभी विधायक सदन में विरोध करेंगे।
सत्ता पक्ष के विधायकों का क्या कहना है?
जिस प्रकार से विपक्ष का अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, उसके बाद सत्ता पक्ष के विधायकों का कहना है कि प्रदेश में लोगों को लगातार साफ पानी मिल रहा है. मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव पूरी तरह सख्त हैं, जैसे ही पूरी जानकारी मिली उसके बाद मुख्यमंत्री ने सीधे एक्शन लेते हुए बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है. सत्ता पक्ष आरोप लगा रहा है कि विपक्ष केवल भ्रम फैलाने की कोशिश करता है, विरोध करता है जबकि सत्ता पक्ष सदन में इंदौर दूषित पानी की घटना को लेकर चर्चा करने को तैयार है।

राशिफल 22 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
प्रधानमंत्री आवास योजना से स्वयं के पक्के मकान का सपना हुआ साकार
केदारनाथ मंदिर में नए नियम लागू, मोबाइल इस्तेमाल पर पूरी तरह बैन
मनरेगा की ‘डबरी’ और ‘बिहान’ के सहयोग से सविता बनीं आत्मनिर्भर
दिलीप घोष बोले- बंगाल में खिलेगा कमल, BJP की जीत का भरोसा
लेमरू में दौड़ी जिंदगी की नई रफ्तार, संजीवनी 108 सेवा से ग्रामीणों को मिल रहा त्वरित उपचार
छत के नेट से टीम इंडिया की कैप तक का सफर
सुपर सकर मशीन द्वारा लगातार चौथे दिन तानसेन नगर में सीवर सफाई कार्य जारी
रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में सूरजपुर बना प्रदेश में प्रथम स्थान पर