क्षमता विकास पर एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न
रायपुर : मुख्य सचिव विकासशील ने कहा है कि विभागीय अधिकारी कर्मचारियों की क्षमता विकास के लिए विभाग की जरूरत एवं पदों के अनुरूप प्रशिक्षण कोर्स तय किए जायें, जिससे वे कार्यक्रम मिशन कर्मयोगी के लक्ष्य के अनुरूप कार्य कर सकें। मुख्य सचिव ने कहा कि कर्मचारियों की पदोन्नति एवं नवीन पदस्थापना होने पर उन्हें अपने नवीन पद के दायित्वों एवं कर्त्तव्यों के निर्वहन एवं क्षमता विकास के लिए एक सप्ताह का संस्थागत प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। मुख्य सचिव ने आज यहां नवा रायपुर के आई.आई.आई.टी. में क्षमता विकास आयोग भारत सरकार तथा छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्बोधित किया। कार्यशाला में गृह एवं जेल विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ भी शामिल हुए।
विभाग की जरूरत के अनुसार अधिकारी कर्मचारियों का प्रशिक्षण कोर्स तय किया जाए
मुख्य सचिव ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों से क्षमता विकास कार्यशाला में क्षमता आयोग भारत सरकार की तकनीकी के सदस्यों से प्रशिक्षण कोर्स के संबंधी जरूरी मार्गदर्शन एवं तकनीकी जानकारी हासिल कर लें। क्षमता विकास पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाल में राज्य शासन के चयनित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी को अपने विभाग की क्षमता विकास योजना बनाने हेतु आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टूल की तकनीकों का डेमोस्ट्रेशन के माध्यम से मार्गदर्शन एवं महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास तथा परिवहन विभाग द्वारा क्षमता विकास के लिए तैयार प्रशिक्षण कोर्स का प्रस्तुतिकरण के जरिए प्रदर्शन किया गया। जिसे अन्य विभागों के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा भी देखा गया। आगामी दिनों में क्षमता निर्माण योजना पर आधारित अन्य विभागों के लिए आयोजित की जाएगी।
कार्यशाला में क्षमता विकास आयोग भारत सरकार की तकनीकी टीम के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण कोर्स बनाने कम्प्यूटर आधारित व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया है। कार्यशाला में क्षमता विकास आयोग के चेयरपर्सन एस.राधा. चौहान ने भारत सरकार के महत्वपूर्ण कर्मचारी मिशन कर्मयोगी के तहत तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रतिभागियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम को क्षमता विकास आयोग की प्रमुख सलाहकार चंदलेखा मुखर्जी, प्रशासनिक अकादमी के डीजी सुब्रत साहू, संचालक टी.एस. महावार ने भी संबोधित किया।
कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, नगरीय प्रशासन एवं मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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