मार्गशीर्ष दर्श अमावस्या आज, पितृ दोष से मुक्ति के लिए करें ये 5 दान, हर कार्य में मिलेगी सफलता!
मार्गशीर्ष की दर्श अमावस्या आज 19 नवंबर बुधवार को है. हर महीने पड़ने वाली अमावस्या अपने आप में विशेष होती है. मार्गशीर्ष के माह में आने वाली दर्श अमावस्या या मार्गशीर्ष अमावस्या बेहद खास होती है, क्योंकि इसे पितरों से जोड़कर देखा गया है. माना जाता है कि अगर पितृ अशांत हैं या उनकी तृप्ति के लिए तर्पण करना है, तो दर्श अमावस्या से बेहतर दिन नहीं हो सकता है. दर्श अमावस्या के अवसर पर आप पितृ दोष से मुक्ति के लिए 5 दान जरूर करें.
मार्गशीर्ष दर्श अमावस्या
मार्गशीर्ष के महीने में पड़ने वाली दर्श अमावस्या का मुहूर्त आज 19 नवंबर की सुबह 9 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर कल 20 नवंबर की दोपहर 12 बजकर 16 मिनट तक है. ऐसे में उदयातिथि के हिसाब से 20 नवंबर को मार्गशीर्ष अमावस्या है, जबकि दर्श अमावस्या आज है.
पितृ दोष मुक्ति के लिए 5 दान
आज दर्श अमावस्या के दिन पितरों के नाम से दान-पुण्य करना और गरीबों को भोजन कराना शुभ माना जाता है. पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए दर्श अमावस्या के दिन भगवान विष्णु और पितरों की पूजा-अर्चना करनी चाहिए और फिर पितरों के नाम से गेंहू, चावल और काले तिलों का दान करना शुभ माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इन चीजों का दान करने से पितर शांत होते हैं और परिवार पर कृपा बरसाते हैं.
दर्श अमावस्या के दिन सुबह पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए. अगर नदी में स्नान करना संभव नहीं है तो घर पर ही बाल्टी में नदी का जल मिला लें. नहाते समय अपने पितरों का ध्यान करें. ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं. इसके साथ ही साबुत उड़द और कंबल का दान करना भी शुभ होता है. इससे पितर अपने स्थान पर सुखी और प्रसन्न रहते हैं. राहु और केतु का नकारात्मक प्रभाव भी कम होता है.
पक्षियों को दाना खिलाने का महत्व
दर्श अमावस्या के दिन पक्षियों को दाना खिलाना बहुत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि पितर पक्षियों के रूप में आकर दाना ग्रहण करते हैं. ऐसा करने से पितरों को शांति मिलती है. इसके अलावा, अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण भी कर सकते हैं. पितृ की कृपा से घर-परिवार सुखी रहता है, करियर में सफलता मिलती है और वंश वृद्धि भी होती है.

सरकार का साफ संदेश—ईंधन कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं
प्रत्याशियों की संपत्ति ने खींचा ध्यान, करोड़ों की दौलत का खुलासा
भोपाल से घोषणा: नई पीढ़ी पढ़ेगी ‘नर्मदा टाइगर’ राजा हिरदेशाह की कहानी
महिला आरक्षण पर बढ़ा विवाद: कांग्रेस बोली—PM बुलाएं सर्वदलीय बैठक
AAP के भीतर सियासी बयानबाजी तेज, Saurabh Bharadwaj का Raghav Chadha पर हमला
युद्ध का असर भारत तक: तारकोल महंगा, सड़क परियोजनाएं अटकीं
सबूत कमजोर या जांच में खामी? केस पर उठे सवाल
बिश्केक में भारत-चीन रक्षा मंत्रियों की बैठक, Rajnath Singh ने जताई खुशी