मुंबई का महालक्ष्मी मंदिर, भाग्य की देवी के रूप में हैं विराजमान, दिवाली पर एक साथ दर्शन देती हैं त्रिदेवी
साल के सबसे बड़े त्योहार दीपावली को आने में कुछ ही दिन बचे हैं और मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए लोगों ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है. ऐसे मौके पर मां लक्ष्मी के मंदिर में दर्शन करने जाना भी बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि उन्हें धन की देवी माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मुंबई में एक प्रसिद्ध महालक्ष्मी का मंदिर है, जहां मां त्रिदेवियों के साथ दर्शन देती हैं? ये मंदिर लोगों का भाग्य बदलने के लिए जाना जाता है.
भाग्य पलटती है माता रानी
दक्षिण मुंबई के समुद्र किनारे मुंबई के भूलाभाई देसाई मार्ग पर मां महालक्ष्मी का मंदिर है, जो अपनी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है. माना जाता है कि यहां मांगी मुराद हमेशा पूरी होती है और मां भाग्य का लिखा भी पलट सकती है. दीपावली के दिन मंदिर का नजारा बहुत अद्भुत होता है. दिवाली पर माता का आशीर्वाद लेने के लिए देश विदेश से लाखों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं और मां अपना ममतामयी आशीर्वाद सभी को प्रदान करती हैं.
इस तरह त्रिदेवियों की हुई स्थापना
दीपावली के लिए खास तौर पर भक्त त्रिदेवियों का दर्शन करने के लिए आते हैं. सन 1831 में बने इस मंदिर को लेकर कई लोक-कथाएं प्रचलित हैं. बताया जाता है कि इस मंदिर का निर्माण धकजी दादाजी नाम के शख्स ने करवाया था, जिसे मां ने सपने में दर्शन दिए थे. कहा जाता है कि आक्रमणकारियों के हमले से लोगों ने छोटे से मंदिर में स्थापित देवी महाकाली, देवी महासरस्वती और देवी महालक्ष्मी की प्रतिमा को वर्ली खाड़ी में विसर्जित कर दिया था, लेकिन फिर बाद में धकजी दादाजी को मां ने सपने में दर्शन दिए और अपने स्थान के बारे में जानकारी दी. इसके बाद नदी के किनारे पर देवी महाकाली, देवी महासरस्वती और देवी महालक्ष्मी को पुनर्स्थापित किया गया.
माता की एक और कथा
एक और किंवदंती के अनुसार कभी मुंबई शहर में वर्ली और मालाबार हिल को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण होना था, लेकिन किसी न किसी वजह से पुल के बनने का काम पूरा नहीं हुआ. तंग आकर पुल को बनाने का काम रोक दिया गया, लेकिन फिर इसी बीच एक कारीगर को मां लक्ष्मी ने दर्शन दिए और बताया कि समुद्र किनारे मेरी प्रतिमा है, पहले उसकी स्थापना करो. सभी लोगों ने मिलकर मंदिर का निर्माण कराया और उसके बाद पुल के निर्माण का काम पूरा हुआ.
एक साथ दर्शन देती हैं त्रिदेवियां
प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर का गर्भगृह बहुत सुंदर है, जहां मां लक्ष्मी, मां काली और मां सरस्वती तीनों एक साथ भक्तों को दर्शन देती हैं. मां की प्रतिमा भी हमेशा सोने और चांदी के आभूषणों से लदी रहती है. दीपावली के दिन भाग्य की देवियों के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं और अपनी मनोकामना पूरी करके लौटते हैं.

महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण
राजस्व कार्यों में ढिलाई पर सख्त:लंबित प्रकरणों के निपटारे और राजस्व वसूली में तेजी लाने मंत्री ने दिए निर्देश
अनुशंसाओं को संवेदनशीलता के साथ करें लागू : राज्यपाल पटेल