MP में 1500 रुपए की अगली किस्त से पहले लाड़ली बहनों की होगी लिस्ट क्लीनिंग, अपात्रों को बाहर किया जाएगा
भोपाल: मध्य प्रदेश में अभी सरकार लाडली बहनों को हर महीने 1250 रुपए दे रही है। वहीं, दीवाली से लाडली बहनों को प्रदेश में हर महीने 1500 रुपए मिलेंगे। अभी मध्य प्रदेश में लाडली बहनों की संख्या करीब एक करोड़ 26 लाख है। सरकार 1500 रुपए देने से पहले लाभार्थियों की सूची की जांच करेगी। जांच के दौरान अयोग्य महिलाओं के नाम उस लिस्ट से हटाए जाएंगे। सरकार ये सब कुछ इसलिए कर रही है, ताकि पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंच सके।
खुद से भी नाम वापस ले सकती हैं महिलाएं
वहीं, मध्य प्रदेश सरकार पहले लोगों से सार्वजनिक रूप से अपील करेगी। अयोग्य महिलाओं को खुद को अपना नाम वापस लेने को कहा जाएगा। इसके बाद , सरकारी विभाग के लोग इसकी जांच करेंगे और अयोग्य नामों को हटा दिया जाएगा। शहरी विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 9 सितंबर को कहा था कि योजना में कुछ अयोग्य नाम जुड़ गए हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि योजना का लाभ केवल योग्य महिलाओं को मिले।
1500 रुपए दिवाली से मिलेंगे
वहीं, सीएम मोहन यादव ने 19 जून को घोषणा की थी कि दिवाली से हर लाभार्थियों को 1500 रुपए मिलेंगे। भाई दूज के बाद महिलाओं को बढ़ी हुई राशि दी जाएगी। दरअसल, इस योजना की शुरुआत जब हुई थी, तब महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए मिलते थे। अक्टूबर 2023 से महिलाओं को 1250 रुपए मिलने लगे थे। वहीं, प्रदेश की सरकार इस योजना को अभी भी चला रही है। साथ ही महिलाओं से वादा किया है कि आगे चलकर हम इसे 3000 रुपए करेंगे।
अभी 1.26 करोड़ महिलाओं के नाम हैं दर्ज
वहीं, अभी योजना का लाभ प्रदेश की 1.26 करोड़ महिलाओं को मिल रहा है। यह राज्य में सबसे बड़ा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रोग्राम है। सरकार हर महीने में लगभग 1550 करोड़ रुपए खर्च करती है। कहा यह भी जाता है कि इसी योजना के कारण राज्य में बीजेपी सरकार की वापसी हुई है। इसके बाद कई राज्यों में अलग-अलग नाम से इस योजना की शुरुआत की गई है।

गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल
जब मुख्यमंत्री उतरे मैदान में: सुशासन तिहार में बच्चों संग खेला क्रिकेट, बढ़ाया हौसला
किसानों को उनका वैभव लौटाने का लिया गया है संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महू में विद्यार्थियों को प्लेसमेंट प्रमाण-पत्र किए वितरित