गाजा की भूObama raised his voice against Gaza's starvation, told Israel..."It makes no sense to stop food and water"खमरी पर ओबामा ने उठाई आवाज, इजरायल से कहा....“खाना-पानी रोकने का मतलब नहीं”
वाशिंगटन। गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों के बीच भूखमरी जान ले रही है। गाजा से आ रही तस्वीरें इंसानियत पर सवाल खड़े कर रही हैं। इसके बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने गाजा में मानवीय सहायता की मांग को बढ़ाते हुए कहा कि गाजा में लोगों तक सहायता पहुंचाने की अनुमति दी जानी चाहिए। नागरिक परिवारों से भोजन और पानी को दूर रखने का कोई औचित्य नहीं है।
ओबामा ने पोस्ट में लिखा, हालांकि गाजा में संकट के स्थायी समाधान के लिए सभी बंधकों की वापसी और इजरायल के सैन्य अभियानों की समाप्ति शामिल होनी चाहिए, लेकिन यह आर्टिकल रोके जा सकने वाले भुखमरी से मरने वाले निर्दोष लोगों के उपहास को रोकने के लिए कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।
ओबामा का बयान तब आया है जब इजरायल गाजा में अपने सैन्य आक्रमण को लेकर आलोचनाओं के केंद्र में दिख रहा है। गाजा में भूखमरी पर चिंताएं बढ़ रही हैं और इजरायल को 21 महीने के युद्ध में अपने आचरण पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ते दबाव के बीच इजरायली सेना ने 27 जुलाई को गाजा के तीन आबादी वाले इलाकों में हर दिन 10 घंटे के लिए लड़ाई को सीमित रूप से रोकना शुरू कर दिया है। इस बीच गाजा में एयरड्रॉप्स के जरिए खाने के सामान गिराए गए। इजरायली सेना ने बताया कि हर दिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक सामरिक विराम रहेगा (यानी हमला नहीं होगा) यह राहत सिर्फ तीन क्षेत्रों के लिए है गाजा शहर, दीर अल-बलाह और मुवासी। ये तीनों बड़ी आबादी वाले क्षेत्र हैं। जब हमला रुका हुआ होगा, तब इन इलाकों में मानवीय सहायता आएंगे।

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