बिजली-पानी की किल्लत से उबले ग्रामीण, मंडला-डिंडोरी मार्ग किया जाम
मंडला। मंडला जिले में विगत कई दिनों से बिजली और पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे किसलपुरी गांव के ग्रामीणों का आखिरकार सब्र टूट गया। अपनी मांगों को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने मंडला-डिंडोरी मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले नौ दिनों से गांव में न तो बिजली है और न ही पीने का साफ पानी उपलब्ध हो पा रहा है, जिससे सभी को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि कई वर्षों से वे बिजली और पानी की समस्याओं को लेकर अधिकारियों के चक्कर काटते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे हैंडपंप और कुएं भी सूख चुके हैं। ऐसे में महिलाओं को रोजाना कई किलोमीटर दूर जंगल और पहाड़ी रास्तों से पानी लाना पड़ता है, जो कि अत्यंत जोखिम भरा काम है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। हमारी समस्या का अब तक समाधान नहीं हुआ। इससे परेशा होकर उन्होंने सड़क जाम करने जैसा कठोर कदम उठाया।
प्रदर्शन में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या शामिल रही। सड़कों पर बैठकर ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और बिजली विभाग तथा जल संसाधन विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, वे सड़क से नहीं हटेंगे। स्थानीय प्रशासन को जैसे ही प्रदर्शन की जानकारी मिली, मौके पर पुलिस बल और तहसील स्तरीय अधिकारी पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा कर समाधान का आश्वासन देने का प्रयास किया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए थे और चक्का जाम जारी था।

राहुल गांधी की 6 गारंटियां: तमिलनाडु की महिलाओं और छात्रों को हर महीने मिलेंगे 2000 रुपये।
प्रशासन का सख्त एक्शन: बिना लाइसेंस चल रही चांदी रिफाइनरी सील, मौके से आधुनिक मशीनें बरामद।
ईरान की सख्ती: अब जहाजों को लेनी होगी IRGC की इजाजत
साहब की बहाली के लिए बाबू ने मांगी घूस: 40 हजार रुपये के साथ पकड़े गए स्थापना शाखा प्रभारी।
अनुभव का सम्मान या परीक्षा का दबाव? पात्रता परीक्षा पर मप्र के शिक्षकों ने खोला मोर्चा
ग्रामीणों की बहादुरी से बची दो जानें, लेकिन अंचल और पूनम को नहीं बचा सका कोई
"सस्पेंड करो या कोर्ट झेलने को तैयार रहो" - भाजपा नेता संतोष परवाल की तीखी चेतावनी
Health Tips: पाचन तंत्र को लोहे जैसा मजबूत बना देगा 30/30/3 नियम, आज ही करें ट्राई।
20 अप्रैल तक करना होगा सरेंडर: कोर्ट ने दोषी को दी राहत, मगर पुलिस को दी नसीहत
"अब विकास में बाधा नहीं सहेगा बंगाल": भाजपा के समर्थन में बोले डॉ. मोहन यादव