बचपन के दोस्त राजीव गांधी को याद कर रहे अभिनेता कबीर बेदी, बता रहे पुराने किस्से
मुंबई। फिल्म अभिनेता कबीर बेदी और राजीव गांधी बचपन में एक साथ बड़े हुए। वह दोनों बचपन में काफी अच्छे दोस्त रह चुके हैं। दोनों एक-दूसरे के घर भी आया जाया करते थे। कबीर बेदी, राजीव गांधी और उनके भाई संजय के कुछ किस्सों को याद किया है। हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में राजीव गांधी ने बचपन के उन दिनों का जिक्र किया जब वह प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के घर जाते थे। कबीर ने बताया कि उनका उस परिवार से काफी अच्छा रिश्ता रहा।
कबीर बेदी ने अपने इंटव्यू में बताया कि वो राजीव गांधी और संजय गांधी के साथ पले बढ़े हैं। वो तीनों का स्कूल भी एक ही था। राजीव उनसे दो साल और संजय उनसे एक साल छोटे थे। तीनों बचपन में एक कमरे में बड़ी सी ट्रेन सेट के साथ खेलते थे। घुड़सवारी की ट्रेनिंग भी उन्होंने साथ मे ही ली थी। कबीर बेदी ने इसे एक बहुत ही प्यारा और करीबी रिश्ता बताया ।उन्होंने बताया कि उनके घर में दुनियाभर से लाए गए खिलौने थे।
कबीर ने ये भी खुलासा किया कि, ‘जब मैं वापस जा रहा था, तो वह कुछ स्ट्रेस में लग रहे थे। मैंने फील किया कि उन्होंने अपने कपड़ों के नीचे बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी और मैं समझ गया कि वे क्यों इतने परेशान थे। मैंने उनसे अपना ध्यान रखने के लिए भी कहा और अगली बात जो मैंने देखी वह यह थी कि उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया था। ये मेरे लिए बहुत बड़ा सदमा था। मेरे मन में उनके और संजय के लिए बहुत सम्मान था। अपनी बात आगे रखते हुए उन्होंने बताया कि जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने तो कबीर बेदी उनसे मिलने गए। उस दौरान वहां कई बड़े और भी नेता आए हुए थे। लेकिन राजीव ने उन्हें देखते ही आने को कह दिया। उन्होंने मुझे पीएम हाउस का बड़ा सा हिस्सा दिखाते हुए मुस्कुराकर कहा था कि, ‘कहां फंस गया हू यार! इतना ही नहीं कबीर ने उन्हें ये भी कहा कि वह सीरियस हो जाए।

DGP सिद्ध नाथ को मिला एक्सटेंशन, चुनाव बाद 7 दिन और रुकेंगे केंद्रीय बल
गुजरात में AAP संकट में, प्रदेश महामंत्री सागर रबारी ने छोड़ा पद
अभिभावकों में नाराजगी, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं से कराया अवगत
FTA पर मुहर: भारत से न्यूज़ीलैंड जाने वाला सामान पूरी तरह टैक्स-फ्री
स्वास्थ्य मंत्रालय की चेतावनी—लाइफस्टाइल बीमारियां सबसे बड़ा खतरा
अब तक 1500 से ज्यादा पेड़ लगाकर पेश की मिसाल
पूरी रात जागकर जश्न मनाते रहे गांव वाले
छात्रों और युवाओं ने पेश किए नए स्टार्टअप आइडियाज