बलूचिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा में उठी विद्रोह की आग, पाक सेना पर लगे गंभीर आरोप
भारत से तनाव की बीच पाकिस्तान में बगावत के सुर दिखने लगे हैं. अगर भारत पाकिस्तान की जंग होती है, तो पाकिस्तान का कई टुकड़ो में बंटना तय है. 1971 में भी ऐसा ही देखने मिला था, 1971 की जंग के बाद भारत ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कतर दिए थे और एक नया देश बांग्लादेश बना दिया था. अब ये आवाजें बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा से उठ रही हैं.
पहले बलूच और अब खैबर पख्तूनख्वा से जंग में भारत के साथ देने की खबर सामने आई है. खैबर पख्तूनख्वा की एक मस्जिद के मौलाना मोहम्मद रंगीला ने पाकिस्तानी सरकार और सेना पर जमकर भड़ास निकाली. उन्होंने मस्जिद के मेंबर से कहा, “जंग हुई तो भारत का देंगे साथ… उनके इस गुस्से के पीछे इस प्रांत में पाकिस्तान सेना का अत्याचारों को बताया जा रहा है.
पाकिस्तान की उल्टी गिनती शुरू
बता दें खैबर पख्तूनख्वा इलाका में तहरीक-ए-तालिबान का डंका बजता है. जो पाकिस्तान सेना पर आए दिन हमले करता रहता है. इससे पहले बलूचिस्तान से भी ऐलान किया गया था कि वह जंग में भारत का साथ देंगे. इन बयानो ने पाकिस्तान में हड़कंप मचा दिया है और पाकिस्तान की उल्टी गिनती शुरू हो गई है.
राजधानी के लोग भी नहीं लड़ेंगे भारत से!
खैबर पख्तूनख्वा और बलूच तो ऐसे प्रांत हैं जहां पहले से अशांति रही है, लेकिन भारत के खिलाफ पाक की राजधानी इस्लामाबाद से भी को लड़ने को तैयार नहीं है. इस्लामाबाद की लाल मस्जिद के एक विवादास्पद मौलवी मौलाना अब्दुल अजीज गाजी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो पूछ रहे हैं भारत के साथ युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान के साथ कौन खड़ा होगा. उनके इस सवाल पर मस्जिद में से एक भी हाथ नहीं उठता है. जिससे जाहिर हो गया है कि पाकिस्तान की जनता जंग के पक्ष में नहीं है.

ईंधन बचत अभियान में CRPF आगे, वाहनों की तेल खपत में की कमी
अरावली मामले में सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी, खनन पक्ष को राहत टली
धार भोजशाला विवाद में हाईकोर्ट का अहम निर्णय, नमाज की अनुमति देने से इनकार
डॉक्टरों ने कहा- समय पर टीकाकरण से गंभीर बीमारियों का खतरा घटता है
कमलनाथ ने कहा- पेट्रोल-डीजल महंगा होने से हर चीज के दाम बढ़ेंगे
बार-बार खुद को साबित करने की बात पर कोहली ने जताई नाराजगी
दामों में बढ़ोतरी का खतरा, ऑयल कंपनियों ने जताई नाराजगी
कंटोरा तिराह से पाटन तक ड्राइव में रोमांच, शराब सप्लायर पकड़ा गया या नहीं?
18 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारियों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन आंदोलन