मोदी-शाह-भागवत की त्रिकोणीय बैठक: क्या हो सकता है एजेंडा?
नई दिल्ली । मंगलवार को एक के बाद एक दो बड़ी बैठकें हुईं हैं। पहली बैठक गृह मंत्रालय में देश की पैरा मिलिट्री चीफ्स की तो दूसरी बैठक प्रधानमंत्री आवास पर। पीएम मोदी के आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई बैठक पर सभी की निगाहें टिकीं रहीं। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ विदेश मंत्री एस। जयशंकर, एनएसए अजित डोभाल और सीडीएस अनिल चौहान पहुंचे। इन सबके अलावा तीनों सेनाओं के प्रमुख भी बैठक में पहुंचे। पीएम मोदी ने इस बैठक के बाद साफ तौर पर सेना को आतंकियों के खिलाफ फ्री हैंड दे दिया है। कार्रवाई कब और कहां होगी, कैसे होगी सबकुछ सेना तय करेगी। इस बयान के सामने आने के बाद अब गृहमंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पीएम मोदी से मिलने पहुंचे हैं।
प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक के बाद पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि आतंकवाद का समूल नाश करना, हमारी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है। उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमता पर पूर्ण आस्था और विश्वास व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जवाबी कार्रवाई के तरीके, किस ठिकाने पर कार्रवाई करनी है और किस समय करनी है, यह तय करने का पूरा अधिकार सशस्त्र बलों को दिया जा चुका है।
पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी बोल चुके हैं कि पहलगाम हमले पर पूरे देश का खून खौल रहा है। हमले के ठीक बाद अपने पहले ही ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और आतंकी ठिकानों को मिट्टी में मिलाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी की कठोर टिप्पणियों और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर उनकी सरकार के कड़े रुख के कारण भारत की ओर से करारी जवाबी कार्रवाई की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

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