बुरहानपुर गौशाला में आग से मवेशियों की मौत, प्रशासन ने जांच शुरू की
बुरहानपुर: जिले में ग्राम मोहम्मदपुरा क्षेत्र के महाजन कॉलोनी में स्थित मवेशियों के बाड़े में अचानक भीषण आग लग गई. देखते ही देखते आग इतनी भड़क उठी, कि आग की चपेट में आने से 20 से ज्यादा मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई. जबकि 10 से ज्यादा मवेशी बुरी तरह झुलस गए. आग की लपटें देख क्षेत्र में हड़कंप मच गया. इसके बाद स्थानीय लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की. लेकिन आग अधिक भड़क गई.
इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने नगर निगम के फायर स्टेशन में आग की सूचना दी. सूचना पाकर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई. करीब 3 दमकल की गाड़ियों से डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, जानकारी के मुताबिक आग लगने का कारण अज्ञात है.
गौशाला में भड़की आग
जानकारी के मुताबिक, रविवार दोपहर 2 से 3 बजे के बीच अज्ञात कारणों से बाड़े से धुआं उठा, धुंआ उठता देख मौके पर लोगों की भीड़ लग गई, लेकिन धुंआ आग में तब्दील हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया गौशाला में सुखा चारा रखा था, जिसके कारण आग फैल गई, आग इतनी अधिक फैल चुकी थी, कि उसपर काबू पाने में पसीने छूट गए. हालांकि नगर निगम के दमकल कर्मियों ने डेढ़ घंटे में आग पर काबू पाया. लेकिन इस घटना में 20 से ज्यादा मवेशियों की मौत हो गई. वही 10 से ज्यादा मवेशी बुरी तरह झुलसे हैं, फिलहाल पशु चिकित्सकों ने घायल मवेशियों इलाज शुरू कर दिया है.
विधायक अर्चना चिटनिस ने किया निरीक्षण
जैसे ही इस अग्निकांड की सूचना क्षेत्रीय विधायक अर्चना चिटनिस को मिली तो उन्होंने रविवार रात घटनास्थल का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर उनके हाल चाल जाने और हादसे की जानकारी जुटाई. विधायक ने पीड़ित परिजनों को हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया है. इस दौरान कलेक्टर हर्ष सिंह, एसडीएम पल्लवी पौराणिक, तहसीलदार प्रवीण ओहरिया सहित प्रशासनिक अफसरों की टीम मौजूद थी. विधायक अर्चना चिटनिस ने कहा, ''गौशाला में आग लगने की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे. आगजनी में 20 मवेशियों की मौत हुई है. पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी.''

United States बोला— टैरिफ लगाना हमारा अधिकार, Beijing पर बढ़ी टेंशन
शांति से जश्न मनाने की अपील, नहीं तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
मुख्यमंत्री के 'सुशासन' संकल्प से आ रहा बदलाव
ओवरटेक करने की कोशिश बनी मौत का कारण, एक्सप्रेसवे पर भीषण टक्कर
ओवरवेट महिलाओं को क्यों रहता है फाइब्रॉइड का ज्यादा जोखिम?
Mamata Banerjee बोलीं—जनता नहीं हारी, हमें हराया गया
सपनों को मिले पहिए : भीमा मारकंडे की 'बैसाखी' से 'आत्मनिर्भरता' तक की प्रेरक यात्रा
व्यापारियों के लिए खुशखबरी, Madhya Pradesh सरकार का बड़ा कदम
प्रेग्नेंसी में डाइट कंट्रोल क्यों है जरूरी? जानें सही तरीके