Ather Energy जल्द लाएगी IPO, निवेशकों की बढ़ी उत्सुकता
सोमवार को आवेदन के लिए तैयार इलेक्ट्रिक स्कूटर निर्माता एथर एनर्जी भारत के बेहद प्रतिस्पर्धी और कीमत-संवेदी इलेक्ट्रिक दोपहिया (ई2डब्ल्यू) बाजार में प्रतिस्पर्धियों से मुकाबला करने की रणनीति बना रही है। जब एथर के मुख्य व्यापार अधिकारी रवनीत फोकेला से यह पूछा गया कि ओला इलेक्ट्रिक, बजाज, हीरो मोटोकॉर्प और टीवीएस मोटर जैसी प्रमुख कंपनियों से मुकाबला करने के लिए एथर की क्या योजना है तो उन्होंने कहा कि पिछले नौ महीनों में कंपनी के मजबूत प्रदर्शन से उसकी प्रतिस्पर्धी क्षमता का पता चलता है।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, ‘हम आश्वस्त हैं क्योंकि हमने साबित कर दिया है कि हम प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं और नवाचार को बनाए रखते हुए कड़ा मुकाबला कर सकते हैं।’उन्होंने कहा कि बाजार में गंभीर चुनौतियां थीं जिनमें वितरण में तेजी, भारी छूट और प्रतिस्पर्धियों का आक्रामक मूल्य निर्धारण शामिल था।
वाहन के आंकड़ों से पता चलता है कि इन दबाव के बावजूद एथर एनर्जी ने पिछले 12 महीने में अपनी राष्ट्रीय बाजार भागीदारी 9 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर ली है। महाराष्ट्र और गुजरात में कंपनी तेजी से आगे बढ़ी है। दक्षिण भारत में एथर पहले से ही मजबूत स्थिति में थी। लेकिन अब उसकी मौजूदगी और बढ़ गई है। इससे इस क्षेत्र में वह बाजार दिग्गज बन गई है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के पूर्व छात्र तरुण मेहता और स्वप्निल जैन द्वारा वर्ष 2013 में स्थापित एथर ने हाल में कुल बिक्री में 200,000 वाहनों का आंकड़ा पार किया है। एथर एनर्जी ने अपने आईपीओ के लिए 304-321 रुपये प्रति शेयर का कीमत दायरा तय किया है।
कंपनी के आईपीओ का मूल्यांकन करीब 12,000 करोड़ रुपये है। यह पिछले 14,000 करोड़ रुपये के अनुमान से कम है। कंपनी ने शुक्रवार को एंकर निवेशकों से 1,340 करोड़ रुपये जुटाए। आईपीओ में 2,626 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और मौजूदा निवेशकों द्वारा 1.1 करोड़ इक्विटी शेयरों का ओएफएस शामिल होगा।

सपनों को मिले पहिए : भीमा मारकंडे की 'बैसाखी' से 'आत्मनिर्भरता' तक की प्रेरक यात्रा
व्यापारियों के लिए खुशखबरी, Madhya Pradesh सरकार का बड़ा कदम
प्रेग्नेंसी में डाइट कंट्रोल क्यों है जरूरी? जानें सही तरीके
गिफ्ट के नाम पर धोखा, युवती बनी साइबर ठगी की शिकार
पुराने फोटो पर टिप्पणी से भड़का राजनीतिक विवाद
वैश्विक मंच पर Subrahmanyam Jaishankar ने आर्थिक साझेदारी को दी प्राथमिकता
Bharatiya Janata Party एक्शन मोड में, Amit Shah बंगाल तो JP Nadda असम संभालेंगे
18 साल के सफर का अंत, RCB से हुआ ऐतिहासिक अलगाव
बेटी को गले लगाते ही भूल जाता हूं दर्द और चिंता: KL Rahul