लोक निर्माण मंत्री सिंह के नेतृत्व में अध्ययन दल ने किया अयोध्या में सरयू नदी पर घाटों का भ्रमण
भोपाल : लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने आज अयोध्या में सरयू नदी पर बने घाटों का भ्रमण किया। इस दौरान सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव, विभागीय सलाहकार समिति के सदस्य प्रशांत पोल, विशेष सहायक राहुल सिंह राजपूत, मुख्य अभियंता गोपाल सिंह, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी एवं डीपीआर तैयार करने वाली एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मंत्री सिंह के नेतृत्व में अध्ययन दल ने सरयू नदी पर नवनिर्मित घाटों की स्थापत्य कला, रामपथ, राम की पैड़ी, पार्किंग व्यवस्था, सौंदर्यीकरण, म्यूरल वर्क और पर्यटकों व श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अयोध्या में UPPCL से मुख्य अभियंता राजेश कुमार, सरयू नहर डिवीजन के कार्यपालन यांत्रिक पारस नाथ एवं लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री एसपी भारती ने मंत्री राकेश सिंह को सरयू नदी के तट पर नवनिर्मित घाटों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। भ्रमण के दौरान इन अधिकारियों ने सरयू तट पर पर्यटकों के लिए विकसित सुविधाओं, श्रद्धालुओं के लिए निर्मित व्यवस्थाओं, भगवान राम के जीवन से जुड़ी घटनाओं को सचित्र रूप से दिखाने के लिए निर्मित म्यूरल वाल्स पर विस्तार से जानकारी दी।
मंत्री सिंह ने भ्रमण के दौरान सड़क विकास निगम के अधिकारियों एवं डीपीआर बनाने वाली एजेंसी से कहा कि जबलपुर में नर्मदा नदी किनारे बनने वाले घाट धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटक सुविधाओं के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि घाटों के निर्माण में माँ नर्मदा की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था और पर्यावरणीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में नर्मदा नदी किनारे सरयू की तर्ज पर घाटों के निर्माण की घोषणा की थी। मंत्री राकेश सिंह ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डीपीआर तैयार करने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को दायित्व सौंपा है।
अब तक तैयार योजना एवं विभिन्न स्तर पर हुए विचार विमर्शों के आधार पर मंत्री सिंह ने बताया कि नर्मदा नदी के किनारे जबलपुर के प्रमुख घाटों के सौंदर्यीकरण और विकास को लेकर एक व्यापक योजना तैयार की जा रही है। इस योजना के तहत घाटों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
प्रस्तावित योजना के तहत तिलवारा घाट और कालीधाम घाट पर नाव टर्मिनल स्थापित करने की योजना है, जिससे जलपर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही साईं तीर्थम, खारीघाट, ग्वारीघाट और जिल्हेरीघाट पर फ्लोटिंग डेक बनाए जाएंगे। सभी प्रमुख घाटों के पास संगठित पार्किंग क्षेत्र बनाए जाएंगे, जिससे यातायात व्यवस्था सुगम होगी।

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से सावित्री को मिला संबल
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल
राज्य सरकार धर्म-संस्कृति की धारा को प्रवहमान बनाए रखने के लिए सतत् सक्रिय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
छत्तीसगढ़ एकलव्य विद्यालय की बड़ी उपलब्धि
पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 11 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई
MVA में 'अविश्वास' की एंट्री: उद्धव सेना की जिद और कांग्रेस की अकड़, क्या टूट जाएगा विपक्षी गठबंधन का किला?
AAP की आंतरिक कलह पर नवीन जयहिंद का 'लेटर बम'— राघव-परिणीति की शादी को बताया विवाद की असली जड़
बच्चू कडू बने 'शिवसैनिक': एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में थामा शिवसेना का हाथ, विदर्भ में बदला सियासी समीकरण
आधुनिक तकनीक और एडवांस सिस्टम से लैस होने की संभावना