मप्र विधानसभा: वित्तवर्ष 2025-26 के लिए 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ के बजट को सदन से मिली मंजूरी
मप्र विधानसभा: शेष सभी विभागों की बजट अनुदान मांगें विधानसभा में एक साथ प्रस्तुत कर स्वीकृत की गईं। विनियोग विधेयक-2 भी ध्वनिमत से पारित हुआ। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए के बजट को सदन की मंजूरी मिल गई। सदन की कार्यवाही लगातार 11 घंटे चली।
24 मार्च को अंतिम बैठक
बजट सत्र की अंतिम बैठक 24 मार्च को होगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सभी अनुदान मांगों को एक साथ प्रस्तुत करने पर आपत्ति जताते हुए कहा, लोक निर्माण विभाग अभी शेष है। अध्यक्ष ने कहा, समय कम है, 4 अशासकीय संकल्प भी हैं। इन पर शुक्रवार को ही चर्चा हो सकेगी।
वित्त मंत्री ने सभी अनुदान मांगें एक साथ प्रस्तुत कीं
उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सभी अनुदान मांगें एक साथ प्रस्तुत कीं। इसके बाद राशि वापस लेने के लिए विनियोग क्रमांक 2 विधेयक प्रस्तुत किया गया। कांग्रेस विधायक सोहनलाल बाल्मीक ने आपत्ति जताते हुए कहा, हम बजट पेश करते हैं और अनुमानित घाटे के बारे में बताना शुरू कर देते हैं और राजस्व संग्रहण पूरी तरह से नहीं होता है, तो आने वाले समय में प्रदेश में 2047 में 2 ट्रिलियन इकोनॉमी का लक्ष्य कैसे हासिल होगा।
कांग्रेस विधायकों को भी क्षेत्र के विकास के लिए 15-15 करोड़ रुपए दिए
कांग्रेस विधायकों को भी क्षेत्र के विकास के लिए बिना किसी भेदभाव के 15-15 करोड़ रुपए दिए जाने की मांग की गई। जवाब में देवड़ा ने कहा- मैं सदन को आश्वस्त कर रहा हूं कि सरकार का बजट सभी वर्गों के लिए है। पूरा पैसा प्रदेश के विकास के लिए खर्च किया जाएगा। इसके बाद सदन ने विनियोग संख्या 2 को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।

राशिफल 04 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल