चमोली हिमस्खलन में फंसे श्रमिकों में से 47 को बचाया गया, 8 अभी भी हैं फंसे
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में आए हिमस्खलन को 26 घंटे से अधिक समय हो चुका है। इस आपदा में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन प्रोजेक्ट में काम कर रहे 57 श्रमिक प्रभावित हुए थे, जिनमें से दो छुट्टी पर थे। अब तक 47 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 8 को निकाले जाने की कोशिशें की जा रही हैं।बचाव अभियान में सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें लगातार प्रयासरत हैं। खराब मौसम रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा डाल रहा है, लेकिन सेना का एमआई-17 हेलिकॉप्टर स्टैंडबाय पर रखा गया है। जैसे ही मौसम में सुधार होगा, बचाव अभियान तेज कर दिया जाएगा।
सीएम धामी पहुंचे ग्राउंड जीरो
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चमोली के ग्राउंड जीरो पर पहुंच गए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मांड़ा के निकट हुए हिमस्खलन में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। शनिवार सुबह 14 श्रमिकों को बचाया गया, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को जोशीमठ स्थित आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि बचाव अभियान लगातार जारी है और जल्द ही सभी फंसे हुए श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी सूची के अनुसार, फंसे हुए श्रमिक बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर सहित अन्य राज्यों के हैं। बचाव कार्य में लगी टीमें पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई हैं और उम्मीद की जा रही है कि शेष श्रमिकों को भी जल्द सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।

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