ये उपाय अपना लिया तो शनि कभी नहीं करेंगे परेशान; कुदृष्टि से मिलेगी मुक्ति, पुरानी खुशियां आ जाएंगी वापस!
कई लोग पैसे कमाते हैं तो लेकिन घर में टिकता नहीं है. तो कई जातक के कोई भी कार्य मे सफलता नही मिलती है. कई जातक को लगातार आर्थिक परेशानिया भी झेलनी पड़ती हैं. इन सब का कारण शनि का कुप्रभाव भी हो सकता है. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, जिस भी जातक के ऊपर शनि की कुदृष्टि पड़ जाए, उस जातक के जीवन में अचानक से कई तरह के बदलाव हो जाते हैं. कई तरह के परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है. शनि की कुदृष्टि से बचने के लिए जातक को क्या उपाय करना चाहिए, जानते हैं देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य से…
क्या कहते है देवघर के ज्योतिषाचार्य
कहा कि शनि सबसे क्रूर ग्रहों में से एक माना जाता है. शनि कई राशि के जातकों के ऊपर अच्छी दृष्टि डालते हैं, जिस वजह से उस राशि के मानव जीवन पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. कई राशि के जातकों को कुप्रभाव का सामना भी करना पड़ता है. कुप्रभाव पड़ने के कई कारण हो सकते हैं. जैसे कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढय्या का प्रभाव पड़ना. शनि के चाल परिवर्तन से भी कुप्रभाव पड़ता है. जातक के ऊपर कुप्रभाव पड़ने से जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है.
शनि के कुदृस्टि से बचने के उपाय
ज्योतिषाचार्य कहते है की शनि की कुदृष्टि से परेशान हैं तो शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करें और जल अर्पण करें. इससे शनि के कुदृष्टि से धीरे-धीरे छुटकारा मिलता है.
भगवान हनुमान जी की करें पूजा
अगर शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा आराधना करते हैं. इसके साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, तो उससे भी शनि की कुदृष्टि से बचा जा सकता है.
कुत्ते को खिलाएं रोटी
हर शनिवार के दिन रोटी में सरसों का तेल लगाकर काले कुत्ते को खिलाएं. यह उपाय करते हैं तो निश्चित तौर पर शनि के कुदृष्टि से बचा जा सकता है.
काला तिल मिलाकर करें भगवान भोलेनाथ की पूजा
ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि भगवान भोलेनाथ की जब भी पूजा आराधना करें तो जल में काला तिल मिलाकर अभिषेक करें. इस उपाय से शनि की कुदृष्टि से बचा जा सकता है.
भगवान शनिदेव को सरसो तेल से स्नान कराये
ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर भगवान शनिदेव को सरसों के तेल से अगर स्नान कराते हैं, तो शनि देव प्रसन्न होंगे और शनि की कुदृष्टि से मुक्ति मिलेगी.

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