कार्यकर्ता पंचायत के नाम से करेंगे आयोजन, शिकायतें भी दूर करेंगे
भोपाल । कांग्रेस को एकजुट करने और निचले स्तर के कार्यकर्ताओं के मन की बात सुनने के लिए अब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी हर जिले के दौरे का प्लान बना रहे हैं। इसके तहत वे कार्यकर्ताओं के बीच जाएंगे और उनकी शिकवा-शिकायतों पर बात करेंगे। कांगे्रस में गुटबाजी और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए इस प्रकार के आयोजन को कार्यकर्ता पंचायत का नाम दिया गया है।
खुद पटवारी कांग्रेस में गुटबाजी का कैंसर बता चुके हैं, जिसको लेकर उन्हें अपने ही नेताओं की आलोचना का शिकार होना पड़ा है। पटवारी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए एक नई पहल करने जा रहे हैं। उनका मानना है कि इससे गुटबाजी पर भी लगाम लगेगी। हालांकि बड़े नेताओं में गुटबाजी कैसे कम होगी, इसका कोई प्लान उन्होंने तैयार नहीं किया है। दिल्ली से लौटने के बाद पटवारी ने कार्यकर्ता पंचायत के नाम से हर जिले में जाने की तैयारी की है, ताकि निचले स्तर के कार्यकर्ताओं और नेताओं से वे उनके मन की बात जान सकें। अभी तक बार-बार कई कार्यक्रम आ जाने के कारण पार्टी को मजबूत करने संबंधी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही थी, इसलिए अब हर जिले में जाने का प्लान तय किया गया है। इसकी तैयारी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में चल रही है कि किन जिलों में पहले जाया जाए। इस अभियान के तहत पटवारी कार्यकर्ताओं से उस जिले या क्षेत्र में कांग्रेस की मौजूदा परिस्थिति की जानकारी भी लेंगे। जिस तरह से कांग्रेस का सफाया विधानसभा और लोकसभा में हुआ है, उसके कारण क्या रहे, इस पर भी चर्चा की जाना है। फिलहाल तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन कहा जा रहा है कि इसी महीने से कार्यकर्ता पंचायत शुरू होगी।

राशिफल 01 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
1 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष : हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान: विष्णु देव सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूँ उपार्जन केन्द्रों का किया आकस्मिक निरीक्षण
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से सावित्री को मिला संबल
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल
राज्य सरकार धर्म-संस्कृति की धारा को प्रवहमान बनाए रखने के लिए सतत् सक्रिय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
छत्तीसगढ़ एकलव्य विद्यालय की बड़ी उपलब्धि
पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 11 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई
MVA में 'अविश्वास' की एंट्री: उद्धव सेना की जिद और कांग्रेस की अकड़, क्या टूट जाएगा विपक्षी गठबंधन का किला?