घर के बाहर क्यों नहीं लगाना चाहिए कनैल और नींबू का पेड़, क्या पड़ता है
घर के दरवाजे पर या बाहर आसपास नींबू और कनैल का पेड़ नहीं लगना चाहिए. दरअसल बताया जाता है कि नींबू कांटेदार होता है और इससे आप जो जीवन जी रहे हैं उसमें परेशानी आ सकती है कांटे की तरह और दूसरा कनैल जो है उसे अंधकार का प्रतीक माना गया है. ऐसे में घर के बाहर दरवाजे पर नहीं लगाना चाहिए.
वास्तु शास्त्र में घर के दरवाजे पर लगाए जाने वाले पेड़ों का विशेष महत्व है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, घर के दरवाजे पर लगाए गए पेड़ सिर्फ घर की सुंदरता को ही नहीं बढ़ाते हैं, जबकि वे समृद्धि और सुख-शांति का भी प्रतीक होते हैं. हालांकि, इस दिशा में कुछ पेड़ों को लगाने से बचना चाहिए, जैसे कि नींबू और कनैल के पेड़.
क्या कहते हैं ज्योतिषी
पंडित और ज्योतिषी गिरिधर झा के अनुसार, नींबू का पेड़ कांटेदार होता है और इसका असर जीवन में नकारात्मक परिवर्तन ला सकता है. नींबू के कांटे घर के अंदर की ऊर्जा को नकारात्मक दिशा में प्रभावित कर सकते हैं. इससे विभिन्न प्रकार की परेशानियों से दो चार होना पड़ सकता है. व्यक्ति के मन में नेगेटिविटी, चिड़चिड़ापन और कार्य के प्रति उदासीनता देखी जा सकती है. इसके अलावा, कनैल का पेड़ अंधकार का प्रतीक माना जाता है, और इसे घर के बाहर दरवाजे के पास लगाने से घर में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.बताया जाता है कि इसके फल(बीज) का असर भी बेहद खराब देखने को मिलता है. इसके अलावा इसे शास्त्र के अनुसार देवगनाह में भी माना गया है.
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के दरवाजे पर तुलसी, अशोक और नारियल के पेड़ लगाए जाने चाहिए. ये पेड़ न केवल घर की सुंदरता में वृद्धि करते हैं, बल्कि घर के निवासियों को सुख, समृद्धि और शांति भी प्रदान करते है. तुलसी के पत्तों को धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है, जबकि अशोक का पेड़ अशुभ का नाश करने और सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए प्रसिद्ध है.नारियल का पेड़ भी समृद्धि और ऐश्वर्य का प्रतीक है. इसलिए, घर के दरवाजे पर पेड़ लगाते समय वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है. नींबू और कनैल जैसे पेड़ घर के दरवाजे पर नहीं लगाने चाहिए, ताकि घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे.

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