तापमान में लगातार बढ़ोतरी, फरवरी की शुरुआत में बारिश की संभावना
उत्तर-पश्चमी हवाओं के कारण ठंड का तेवर ढीला पड़ गया है। तापमान में लगातार वृद्धि है। किंतु अभी इसे शीत ऋतु की समाप्ति नहीं माना जा सकता है। पाकिस्तान में एक पश्चिमी विक्षोभ फिर सक्रिय होने वाला है, जो 29-30 जनवरी के बीच उत्तर के पहाड़ी इलाके में पहुंच सकता है।
मौसम में कोई खास बदलाव नहीं दिखेगा
इसके असर से जनवरी के आखिरी में उत्तर भारत के राज्यों में मौसम फिर से करवट लेगा, जो फरवरी के पहले हफ्ते तक जारी रह सकता है, लेकिन इसके पहले मौसम में कोई खास बदलाव नहीं दिखेगा। मतलब गणतंत्र दिवस पर भी मैदानी इलाकों का मौसम शुष्क ही बना रहेगा।
दिल्ली में बारिश, यूपी में पड़ेगा कोहरा
वहीं, मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और यूपी समेत कई राज्यों में अगल कुछ दिनों में बारिश की संभावना है। इस दौरान पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं धुंध और छिछला कोहरा और पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं छिछला से मध्यम कोहरा छाने की संभावना है। वहीं
भारत मौसम विभाग (आइएमडी) ने फरवरी की शुरुआत में उत्तर के राज्यों में बारिश होने का अनुमान जताया है। दिल्ली समेत उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में अचानक तापमान के चढ़ने और गर्माहट बढ़ने के पीछे दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ चुका है। साथ ही वर्तमान में मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाली कोई मौसम प्रणाली भी सक्रिय नहीं है। हवा का रुख भी उत्तरी हो गया है। इस वजह से एक बार फिर सिहरन बढ़ने लगी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हाल ही में जबरदस्त बर्फबारी हुई है। वहां से आ रही सर्द हवाओं के कारण तापमान में गिरावट होने लगी है। शनिवार को न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है।
उत्तरी हवाएं तो तेज चलने लगी हैं
पहला कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के आने और आगे बढ़ जाने के कारण हवा की गति और दिशा बदल गई। उत्तरी हवाएं तो तेज चलने लगी हैं, किंतु पहाड़ों पर बर्फबारी बहुत कम होने से हवा में ठंडक न के बराबर रही। दूसरा हवा में नमी की मात्रा कम होने के चलते बारिश की स्थितियां नहीं बन सकीं।
हालांकि स्थानीय कारणों से जहां-तहां छिटपुट बारिश हुई, लेकिन तापमान पर असर नहीं डाल सकीं। अधिकतम तापमान में सभी जगह वृद्धि होने लगी है। कोहरे के कारण अभी तक तापमान गिरे हुए थे। किंतु अब न्यूनतम तापमान भी दोहरे अंकों में आने लगे हैं।
दक्षिण भारत के राज्यों में अभी तक बारिश हो रही थी, लेकिन अब वहां भी ऐसी स्थितियां समाप्त हो चुकी हैं।अगले चार-पांच दिनों में उत्तरी-पश्चिमी हवाएं पंजाब से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार-झारखंड तक चलेंगी। इसी दौरान विदर्भ के आसपास एक एंटी साइक्लोन बनने वाला है।
मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के कुछ राज्यों में हल्की ठंडी हवाएं चलने लगेंगी
पश्चिमी विक्षोभ से उत्पन्न हवाएं और एंटी साइक्लोन के असर से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दक्षिण के कुछ राज्यों में हल्की ठंडी हवाएं चलने लगेंगी। हवा में नमी होने के कारण बारिश के भी आसार हैं। इस बार सर्दी काफी देर से शुरू हुई। दिसंबर में भी तापमान ज्यादा नहीं गिरा था। जनवरी के शुरू से ही तापमान गिरना शुरू हो गया। कड़ाके की ठंड पड़ी, लेकिन अवधि लगभग 15 दिन ही रही।

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