कर्नाटक में फिर शुरु हुआ सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच का नाटक
बेंगलुरु । कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता-साझेदारी और मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरूनी कलह फिर चर्चा में आ गई हैं। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बयान ने अटकलों को और हवा दे दी है कि वे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को हटाकर मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। उनके बयान पर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर सवाल उठाए हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच सत्ता संघर्ष कई महीनों से चल रहा है। बीजेपी अध्यक्ष विजयेंद्र ने कहा, शिवकुमार ने विधानसभा में अपने बयान में कहा कि उनके राजनीतिक गुरु, दिवंगत एसएम कृष्णा ने उन्हें सलाह दी थी कि अगर सत्ता नहीं सौंपी जाती है, तब उस सत्ता को छीन लेना चाहिए। यह बयान उनकी मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षा को दिखाता है।
बीजेपी नेता विजयेंद्र ने कहा कि सत्ता-साझेदारी के फार्मूले के अनुसार मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कार्यकाल जल्द समाप्त हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि सिद्धारमैया ने डिनर पॉलिटिक्स के माध्यम से अपनी रणनीति शुरू कर दी है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि विधायकों और मंत्रियों को आवास पर गुप्त बैठकों के लिए बुलाया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस आलाकमान पर भी कटाक्ष कर कहा कि पार्टी के शीर्ष नेताओं की कोशिशों के बावजूद कर्नाटक में डिनर पॉलिटिक्स जारी है। उन्होंने दावा किया कि शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच यह सत्ता संघर्ष राज्य की राजनीति में अस्थिरता पैदा कर सकता है।
विजयेंद्र ने राज्य में विकास परियोजनाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा, सिद्धारमैया सरकार के पिछले दो वर्षों में कोई बड़ा विकास कार्य नहीं हुआ है। विधायक विकास परियोजनाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मुख्यमंत्री संसाधन आवंटन और गारंटी योजनाओं को पूरा करने के बीच फंसे हुए हैं। भाजपा ने दावा किया कि कर्नाटक के लोग कांग्रेस की आंतरिक राजनीति का नाटक बखूबी देख रहे हैं और इसका राज्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

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