• एफआईआर के मुताबिक 4 अगस्त को मधुबन कॉलोनी में शराब बेच रहा राजिंदर कुमार राजू पुलिस को देखकर भाग गया
  • राजू ने पुलिस पर शराब ठेकेदार के साथ मिलकर झूठा केस दर्ज करने का आरोप लगाया, कहा-मैें तो रक्षाबंधन पर रिश्तेदारी में गया हुआ था

जालंधर में शराब तस्करी के आरोप में घिरे पूर्व फोटोग्राफर राजिंदर कुमार राजू ने डीजीपी दिनकर गुप्ता को पत्र लिखा है। उसने एक संगीन सवाल पूछा है कि क्या यह संभव है, दिन के उजाले में रेड करने आए 50 से ज्यादा पुलिस वालों के सामने से कोई एक अकेला भाग जाए। उसका यह भी आरोप है कि शराब के ठेकेदार के साथ मिलकर पुलिस उस पर झूठा केस बना रही है।

दरअसल, मखदूमपुरा के रहने वाले पूर्व फोटोग्राफर राजिंदर कुमार राजू के खिलाफ पुलिस ने बीती 4 अगस्त को एक एफआईआर दर्ज की थी। इसमें कहा गया है कि राजू शराब मधुबन कॉलोनी में बेच रहा था, लेकिन सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को देखकर वह भाग निकला। इसके बाद पुलिस ने मौके से 7 पेटी अवैध शराब बरामद की और फरार आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू की गई। इसी एफआईआर पर सवाल उठाते हुए कथित आरोपी राजिंदर कुमार राजू ने पंजाब पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता को पत्र लिखा है। उसने लिखा है कि 4 अगस्त को मधुबन कॉलोनी में पुलिस और एक्साइज विभाग के साथ शराब ठेकेदार की फौज ने रेड की थी। इस पार्टी में 50 से ज्यादा लोग थे। एफआईआर में कहा गया है कि राजू शराब बेच रहा था, तभी पुलिस देख कर भाग निकला। अब अगर सोचा जाए तो क्या यह संभव है कि 50 से ज्यादा लोग रेड करें और कोई एक आरोपी बड़े आराम से दिन के उजाले में भाग जाए।

राजू की मानें तो रक्षा बंधन के कारण वह रिश्तेदारी में गया हुआ था, मगर शराब ठेकेदार के दबाव में पुलिस ने झूठा केस बनाकर केस दर्ज कर दिया। राजू ने कहा कि मैं एक आम नागरिक हूं। रेस्टोरेंट के साथ प्रॉपर्टी बेचने का काम शुरू किया था। रेस्टोरेंट का ताला तोड़कर कीमती सामान के साथ-साथ कैश और उपकरण तक टीम में आए प्राइवेट लोग उठाकर ले गए हैं।

राजू ने अपने साथ धक्केशाही के आरोप के साथ मानवाधिकार आयोग को भी शिकायत की है। उसने कहा कि वह पुलिस की गलत एफआईआर को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इसी कारण पुलिस और ठेकेदार के लोग तड़के साढ़े 4 बजे उनके घर आ धमके। उनकी फैमिली को तंग किया गया। इसी कारण डीजीपी को शिकायत भेज कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।